भारत के कोरोना की लड़ाई का मानक है हम कितनी जिन्दगियां बचाने में सफल रहे- प्रधानमंत्री

पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो
पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus In India) के रिकवरी रेट बहुत हाई है और डेथ रेट बहुत कम है. हमें इस आधार पर आंकलन होगा कि हम कितने लोगों की जिन्दगी बचाने में सफल रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 2:32 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा है कि भारत को कोरोनो वायरस की लड़ाई का आकलन करना चाहिए कि यह कितनों का जीवन बचाने में समर्थ रहा. उन्होंने यह भी कहा कि महामारी की बाधा के बाद भी 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचा का सकता है. द इकोनॉमिक टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में पीएम मोदी ने यह भी बताया कि कैसे समय पर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ने लोगों का जीवन बचाने में मदद की और अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने में भरोसा जताया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने एक लॉकडाउन की शुरुआत उस समय की जब देश में संक्रमितों की संख्या कुछ सैकड़ों में थी. विश्व के कई देशों में यह हजारों में थी. महामारी में हमने एक क्रिटिकल पॉइंट पर लॉकडाउन लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के साथ भारत उन प्रारंभिक देशों में शामिल रहा जहाँ मास्क पहनने की अनिवार्यता के अलावा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप्लीकेशन शुरू किया.

भारत में सबसे कम मृत्यु दर- PM
भारत में कोरोना वायरस के फैलाव की स्थिति के बारे में सवाल करने पर पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत में सबसे कम कोविड 19 मृत्यु दर है और रिकवरी दर उच्च है. रिकवरी दर उच्च बनी हुई है और संक्रमण की दर अब नीचे आ रही है. सितम्बर के बीच में संख्या 97,894 हर दिन से अक्टूबर के अंत तक यह 50,000 हो गई.




प्रधानमंत्री ने आगे भारत के विज्ञान-चालित दृष्टिकोण की तारीफ की और कहा कि देश अब आर्थिक सुधार के मार्ग पर है. उनके अनुसार हमें न केवल लॉकडाउन के विभिन्न चरणों का व्यापक समय मिला, हमें अनलॉक प्रक्रिया भी सही तरीके से मिली और हमारी अर्थव्यवस्था का अधिकांश हिस्सा भी वापस पटरी पर लौट रहा है. अगस्त और सितंबर के आंकड़े यह इंगित करते हैं.

पीएम ने किया कोविड योद्धाओं का किया स्वागत 
हालांकि मोदी ने नियमों के पालन पर जोर देते हुए कहा कि मास्क पहनना, हाथ धोना और सामजिक दूरी बनाकर रखना ही एकमात्र रास्ता है. उन्होंने यह भी कहा कि एक समय में गुजरात जैसे कुछ स्थानों को हॉटस्पॉट के रूप में देखा गया था, जबकि केरल, कर्नाटक आदि में स्थिति नियंत्रण में लग रही थी. कुछ महीनों के बाद गुजरात में हालात सुधरे लेकिन केरल में हालात बदतर हो गए.

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प्रधानमंत्री ने कोविड योद्धाओं का स्वागत किया और कहा कि यदि देश एकजुट नहीं होता, तो इस आयाम की एक महामारी का प्रबंधन नहीं किया जा सकता था. उन्होंने कहा "पूरा देश इस वायरस से लड़ने के लिए एक साथ खड़ा है. कोविड योद्धा जो हमारे फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स हैं, उन्होंने अपने जीवन के लिए खतरा जानने के बाद इस देश के लिए लड़ाई लड़ी.'

महामारी के विनाशकारी प्रभाव के बाद भी पीएम मोदी ने 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि इस साल महामारी के कारण गति में कमी आई है इसलिए हम इस नुकसान की भरपाई के लिए अगले साल तेज गति से आगे बढ़ेंगे.
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