PM मोदी ने कहा, अलग विचारों के बावजूद समाज में एकदूसरे को सुनने लायक सभ्‍यता रहनी चाहिए

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Updated: August 30, 2019, 1:09 PM IST
PM मोदी ने कहा, अलग विचारों के बावजूद समाज में एकदूसरे को सुनने लायक सभ्‍यता रहनी चाहिए
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, हमें हर बात पर एकदूसरे से सहमत होने की जरूरत नहीं है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में इतनी सभ्‍यता होना जरूरी है कि हम एकदूसरे के भिन्‍न विचारों को सुन सकें.

कोच्चि में हुए मनोरमा न्‍यूज कॉन्‍क्‍लेव को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, समाज में निरंतर संवाद जारी रहना चाहिए.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि विभिन्‍न व्‍यक्तियों और संगठनों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं. बावजूद इसके सार्वजनिक जीवन में एकदूसरे के अलग विचारों को सुनने की गुंजाइश हमेशा बनी रहनी चाहिए. कोच्चि में हुए मनोरमा न्‍यूज कॉन्‍क्‍लेव (Manorama News Conclave) को वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग विचार होने के बाद भी समाज में निरंतर संवाद जारी रहना चाहिए.

'हर बात पर एकदूसरे से सहमत होने की जरूरत नहीं'
पीएम मोदी ने कहा, हमें हर बात पर एकदूसरे से सहमत होने की जरूरत नहीं है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में इतनी सभ्‍यता होना जरूरी है कि हम एकदूसरे के भिन्‍न विचारों को सुन सकें. ऐसा माना जाता है कि र्सावजनिक जीवन में रहने वाले लोग अपनी जैसी सोच वाले मंच पर रहना पसंद करते हैं. दरअसल, वे समान सोच वाले लोगों के साथ सहज महसूस करते हैं. निश्चित तौर पर मैं भी ऐसे लोगों को अपने आसपास देखकर अच्‍छा महसूस करूंगा, लेकिन साथ ही मैं विश्‍वास करता हूं कि विचारों में भिन्‍नता के बाद भी लोगों और संगठनों में लगातार संवाद जारी रहना चाहिए.

'वर्षों महत्‍वाकांक्षा को बुरा शब्‍द मानने की संस्‍कृति रही'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कई दशक महत्‍वाकांक्षा को बुरा शब्‍द मानने की संस्‍कृति रही. उपनाम (Surname) और संबंधों (Contacts) के आधार पर लोगों के लिए संस्‍‍थानों के दरवाजे खोले जाते थे. सफलता इस बात पर निर्भर थी कि आप किस गुट से हैं. बड़े शहर, बड़े संस्‍थान और बड़े परिवार मायने रखते थे. लाइसेंस राज और परमिट राज लोगों की आर्थिक महत्‍वाकांक्षाओं के आड़े आते थे, लेकिन भारत बेहतर कल के लिए बदलाव की राह पर था. आज युवाओं का उपनाम मायने नहीं रखता है. आज वे अपनी काबिलियत के दम पर अपना नाम बना रहे हैं.

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First published: August 30, 2019, 12:03 PM IST
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