PM मोदी ने जिन सोनम वांगचुक को याद किया वो इंडियन आर्मी के भी फेवरेट हैं

'थ्री इडियट' से फेमस हुए इनोवेटर सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) सिर्फ नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ही नहीं बल्कि भारतीय सेना (Indian Army) के भी फेवरेट हैं.

News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 10:03 PM IST
PM मोदी ने जिन सोनम वांगचुक को याद किया वो इंडियन आर्मी के भी फेवरेट हैं
जानिए कौन हैं सोनम वांगचुक?
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Updated: August 8, 2019, 10:03 PM IST
आमिर खान (Aamir khan) की मशहूर फिल्म 'थ्री इडियट' में उनके किरदार की जिस वैज्ञानिक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)  की कहानी से प्रेरणा ली गई थी, उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में याद किया. जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से आर्टिकल-370 और 35A हटाने के बाद देश को संबोधित करते हुए मोदी ने सोनम वांगचुक और राष्ट्र के लिए उनके योगदान को याद किया. हम आपको बता दें कि इनोवेटर सोनम वांगचुक सिर्फ मोदी ही नहीं बल्कि भारतीय सेना (Indian Army) के भी फेवरेट हैं.

कौन हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक ने एनआईटी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. हालांकि उनका मन नौकरी करने का नहीं था जिसके चलते उन्होंने साल 1988 में स्टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीएमओएल) की स्थापना की. सोनम को एसईसीएमओएल परिसर को डिजाइन करने के लिए भी जाना जाता है जो पूरी तरह से सौर-ऊर्जा पर चलता है और खाना पकाने, प्रकाश या तापन (हीटिंग) के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करता है. वांगचुक के बनाए घरों से भारतीय सेना को भी खासी मदद मिली है.



क्यों हैं भारतीय सेना उनकी फैन?
इंजीनियर से इनोवेटर बने सोनम वांगचुक ने सोलर पावर से गर्म रहने वाली खास तरह की मिट्टी की झोपड़ियां (प्री-फैब्रिकेटेड सोलर हीटेड मड हट) तैयार की हैं. मिट्टी से बनी ये झोपड़ियां पर्यावरण के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं और अपनी खास बनावट के कारण लद्दाख में सर्दियों के दौरान इन्हें गर्म रखने के लिए ज्यादा हीटिंग की जरूरत नहीं पड़ती है. लद्दाख दुनिया की सबसे ठंडी जगहों में से एक है. मिट्टी से बनी ये झोपड़ियां पर्यावरण के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं और अपनी खास बनावट के कारण लद्दाख में सर्दियों के दौरान इन्हें गर्म रखने के लिए ज्यादा हीटिंग की जरूरत नहीं पड़ती है.


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बता दें कि इंडियन आर्मी ने ऐसी कम से कम 10,000 झोपड़ियों में दिलचस्पी दिखाई है. वांगचुक के किरदार को फिल्म थ्री इडिट्स में आमिर खान ने निभाया था. वांगचुक ने बताया कि इन मिट्टी से बनी झोपड़ियों का प्रोटोटाइप सफल रहा है और आर्मी ने ऐसी कम से कम 10,000 झोपड़ियों में दिलचस्पी दिखाई है. वांगचुक के मुताबिक उनकी लद्दाख में एक प्लांट बनाने की योजना है. मिट्टी से बनी इन झोपड़ियों को कहीं भी ले जाया जा सकता है और आर्मी की जरूरतों के हिसाब से इन्हें कहीं भी असेंबल किया जा सकता है. इन खास झोपड़ियों को गर्म रखने में बिल्कुल भी पैसा नहीं लगेगा.



क्यों ख़ास हैं ये झोपडियां?
इन झोपड़ियों की खासियत यह है कि बाहर -20 डिग्री सेल्सियस का तापमान होने के बाद भी झोपड़ी के अंदर 20 डिग्री सेल्सियस का तापमान रहेगा. यह तापमान बिना किसी हीटिंग के रहेगा. मौजूदा समय में इंडियन आर्मी अपने जवानों को ठंड से बचाने के लिए भारी मात्रा में ऑयल का इस्तेमाल करती है, जो कि प्रदूषण फैलाता है. इन झोपड़ियों के इस्तेमाल से भारतीय सेना को काफी राहत मिल सकती है.

 

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First published: August 8, 2019, 9:30 PM IST
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