PM Modi UNGA Speech Highlights: पीएम मोदी ने UN में की बदलाव की मांग, स्थाई सीट का दावा किया

भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है वह किसी तीसरे के खिलाफ नहीं होता: मोदी (AP)
भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है वह किसी तीसरे के खिलाफ नहीं होता: मोदी (AP)

PM Narendra Modi speech at UNGA: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 75वें सत्र में आम सभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यूएन प्रतिक्रियाओं में बदलाव, व्यवस्थाओं में बदलाव, स्वरूप में बदलाव, आज समय की मांग है. कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के decision making structures से अलग रखा जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 9:51 PM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 75वें सत्र में आम सभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यूएन प्रतिक्रियाओं में बदलाव, व्यवस्थाओं में बदलाव, स्वरूप में बदलाव, आज समय की मांग है. उन्‍होंने कहा कि भारत के लोग UN के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये Process कभी logical end तक पहुंच पाएगा. कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के डिसिजन मेकिंग स्ट्रक्चर से अलग रखा जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत जब किसी दूसरे देश से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है तो वह किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होता. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती. हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते.' इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा की यह बैठक मुख्य रूप से डिजिटल माध्यम से हो रही है. कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर विश्व के अधिकतर नेताओं ने न्यूयॉर्क पहुंचना मुनासिब नहीं समझा.

भारत ने हमेशा पूरी मानव जाति के हित के बारे में सोचा है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि चाहे 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' से लेकर 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' हो या फिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचार, भारत ने हमेशा पूरी मानव जाति के हित के बारे में सोचा है, न कि अपने निहित स्वार्थों के बारे में. उन्होंने कहा, 'भारत की साझेदारी करने का मार्गदर्शन भी यही सिद्धांत तय करता है. भारत जब किसी देश से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो वो किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होता. भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती.'
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प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते.' मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत ने दो अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पहल की थी. इतना ही नहीं, आपदा और अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस से जुड़े प्रयासों की पहल भी भारत ने ही की. उन्‍होंने कहा कि आज भारत अपने गांवों के 150 मिलियन घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचाने का अभियान चला रहा है. कुछ दिन पहले ही भारत ने अपने 6 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड ऑप्टिकल फाइबर से कनेक्ट करने की बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की है.

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद के युग की बदली परिस्थितियों को देखते हुए हम आत्मानिर्भर भारत की दृष्टि से आगे बढ़ रहे हैं. एक आत्मनिर्भर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचाएगा. विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं. भारत की Vaccine Production और Vaccine Delivery क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी.
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