लोकसभा में PM मोदी का संदेश- सबका साथ, सबका विकास के साथ 'विश्‍वास' भी अहम

प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास से आगे बढ़ कर, अब सबके विश्वास की राह भी दिखाई.

विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 11:28 PM IST
लोकसभा में PM मोदी का संदेश- सबका साथ, सबका विकास के साथ 'विश्‍वास' भी अहम
प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास से आगे बढ़ कर, अब सबके विश्वास की राह भी दिखाई. (फाइल फोटो)
विक्रांत यादव
विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 11:28 PM IST
पीएम नरेंद्र मोदी निर्विवाद रूप से आज देश के सबसे बड़े नेता हैं. इस बात को जनता ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 2014 के मुकाबले ज्यादा सीट देकर साबित कर दिया. आज राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब में पीएम मोदी ने विपक्ष को आइना दिखा दिया.

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास से आगे बढ़ कर, अब सबके विश्वास की राह भी दिखाई. पीएम मोदी ने अपनी जीत के कारणों को साफगोई से बताया और ये भी स्पष्ट कर दिया कि देश की राजनीति अब बदल चुकी है. उन्होंने संसद में ये भी साफ किया कि न्यू इंडिया कैसे बनेगा.

विपक्ष अपनी जड़ से दूर हुआ

पुरानी कहावत है 'बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर, पंछी को छाया नहीं फल लागे अति दूर'. इसी कहावत के आधार पर विपक्ष को नसीहत देते ही पीएम ने कहा कि वो इतने ऊँचे जा चुके हैं कि उन्हें उनकी जड़ दिखाई नहीं दे रही. वे अपनी जड़ से उखड़ चुके हैं. किसी की लकीर छोटी कर आगे नहीं बढ़ा जा सकता है, लकीर लंबी करके आगे बढ़ा जा सकता है और उसी में उनकी सरकार विश्वास करती है.

आपातकाल भूलने वाली रात नहीं

आज आपातकाल को 44 साल पूरे हो गए हैं. पीएम ने उसकी याद दोहराते हुए कहा कि इस रात देश की आत्मा को कुचलते हुए न्यायपालिका का अपमान किया गया था. पीएम ने साफ कहा कि ये कभी न भूलने वाला दाग है और इसे भुलाना भी नहीं चाहिए, ताकि फिर से कोई इस रास्ते जाने की हिमाकत ना कर सके.
विपक्ष अक्सर पीएम मोदी पर आरोप लगाता है कि वो अपने अलावा किसी और के कार्यों को महत्व नहीं देते.
आज पीएम मोदी ने इस आरोप का भी जवाब दिया. पीएम ने साफ कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के ठीक बाद लालकिले की प्राचीर से उन्होंने अपने से पहले के सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को स्वीकारा था. लेकिन कांग्रेस ने विपक्ष के अटल बिहारी बाजपेई की सरकार तो अलग, नरसिम्हा राव की सरकार के योगदान को भी भुला दिया. प्रणब दा को भारत रत्न भी पिछले कार्यकाल में दिए जाने की बात पीएम मोदी ने कांग्रेस को याद दिलाया.

''जब हौंसला बना लिया, ऊँची उड़ान का
तो देखना फिजूल है कद आसमान का''

इस शेर के जरिए पीएम मोदी ने अपनी सरकार की प्राथमिकता भी साफ कर दी. देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में सभी के सहयोग की अपेक्षा की. नए भारत यानी न्‍यू इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा, पीएम मोदी ने इसकी तस्वीर भी साफ करने की कोशीश की.

पीएम मोदी ने कहा कि मेक इन इंडिया का मजाक उड़ाया गया. नए भारत के सपने को पूरा करने के लिए मेक इन इंडिया जरूरी है. कहा जाता है दुनिया में तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा. पीएम मोदी ने अपने भाषण में जल संकट की बात करते हुए कहा कि इसी संकट को दूर करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है.

सबका साथ, सबका विकास के साथ अब सबका विश्वास

पीएम मोदी ने दोबारा सरकार बनने के बाद अपने नारे में सबका साथ, सबका विकास के साथ सबका विश्‍वास भी जोड़ दिया था. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक बयान पर BJP हमेशा कांग्रेस को घेरती रही है. जिसमें देश के संसाधनों पर सबसे ज्यादा अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात की गई थी.

पीएम मोदी ने अपनी सरकार की प्राथमिकता साफ करते ही कहा कि किसी न किसी कारण बात केवल अधिकारों तक ही सीमित रही. लेकिन अब अधिकारों से कर्तव्य की ओर जाने की जरूरत है. साफ है कि पीएम का ईशारा इस ओर था कि अब तक अल्पसंख्यकों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में ही देखा जाता था. इसी कारण उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा था कि मुस्लिमों के उत्थान की जिम्मेदारी उन पर नहीं है. तीन तलाक बिल को भी उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा मौका करार दिया.

बदले की राजनीति नहीं होगी, जमानत मिली है एंजॉय करें

पीएम मोदी ने कहा कि वे बदले की राजनीति करते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसी को जमानत मिली हुई है, तो वे उसे एंजॉय करे. वो बदले की भावना से काम नहीं करेंगे. सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने तंज कसा था कि राहुल, सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हैं तो जेल क्यो नहीं भेजते. पीएम मोदी ने उनका भी जवाब दिया कि जेल भेजना अदालत का काम है, ये आपातकाल नहीं है.

जिसका कोई नहीं, उसकी है सरकार

पीएम मोदी ने 2014 का चुनाव जीतने के बाद कहा था कि उनकी सरकार गरीबों की सरकार होगी. पीएम मोदी ने कहा कि शौचालय सिर्फ चार दीवार नहीं है. उसके पीछे के मकसद को समझना जरूरी है. पीएम ने बड़ा संदेश देते हुए कहा कि पांच साल पहले जनता ने एक प्रयोग के तौर पर चुना था, लेकिन इस बार जांच परख कर चुना है. गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव उनकी सरकार की प्राथमिकता इस बार भी रहेगा.

ये भी पढ़ें: 'आपकी ऊंचाई आपको मुबारक, जमीन के लोग आपको तुच्छ दिखते हैं'

ये भी पढ़ें: कांग्रेस पर हमलावर PM, बोले- इमरजेंसी का पाप नहीं धुलेगा
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...