पीएम नरेंद्र मोदी ने JNU कैंपस में किया स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण, कहा- ये प्रतिमा सिखाएगी राष्ट्र के प्रति समर्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते रहे हैं कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श जितने उनके जीवनकाल में प्रासंगिक थे वह आज भी हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते रहे हैं कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श जितने उनके जीवनकाल में प्रासंगिक थे वह आज भी हैं.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मूर्ति का अनावरण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये प्रतिमा हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण सिखाएगी. उन्होंने कहा, 'मेरी कामना है कि जेएनयू में लगी स्वामी जी की ये प्रतिमा, सभी को प्रेरित करे.'

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  • Last Updated: November 12, 2020, 7:51 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के परिसर में स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekanand) की आदमकद मूर्ति का अनावरण किया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मूर्ति का अनावरण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये प्रतिमा हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण सिखाएगी.

जेएनयू के छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरी कामना है कि जेएनयू में लगी स्वामी जी की ये प्रतिमा, सभी को प्रेरित करे, ऊर्जा से भरे. ये प्रतिमा वो साहस दे, जिसे स्वामी विवेकानंद प्रत्येक व्यक्ति में देखना चाहते थे. ये प्रतिमा वो करुणाभाव सिखाए, दया सिखाए, जो स्वामी जी के दर्शन का मुख्य आधार है.

सशक्त-समृद्ध भारत के सपने को साकार करने की प्रेरणा
पीएम मोदी मे कहा, 'ये प्रतिमा हमें स्वामी जी के सशक्त-समृद्ध भारत के सपने को साकार करने की प्रेरणा देती रहे. देश का युवा दुनियाभर में ब्रांड इंडिया का ब्रांड एम्बेसडर हैं. हमारे युवा भारत के कल्चर और ट्रेडिशन का प्रतिनिधित्व करते हैं. आपसे अपेक्षा सिर्फ हज़ारों वर्षों से चली आ रही भारत की पहचान पर गर्व करने भर की ही नहीं है, बल्कि 21वीं सदी में भारत की नई पहचान गढ़ने की भी है.'
मोदी ने कहा, 'अतीत में हमने दुनिया को क्या दिया, ये याद रखना और ये बताना हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाता है. इसी आत्मविश्वास के बल पर हमें भविष्य पर काम करना है. भारत 21वीं सदी की दुनिया में भारत क्या योगदान देगा, ये हम सभी का दायित्व है. जब-जब भारत का सामर्थ्य बढ़ा है, तब तब उससे दुनिया को लाभ हुआ है. भारत की आत्मनिर्भरता में आत्मवत सर्वभूतेषु की भावना जुड़ी हुई है, पूरे संसार के कल्याण की सोच जुड़ी हुई है.'
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