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PM Modi Varanasi Visit: कृषि कानून पर PM मोदी ने कहा- नए कृषि सुधारों से किसानों को दिए गए नए विकल्प और कानूनी संरक्षण

PM मोदी ने वाराणसी में एक जनसभा को भी संबोधित किया.
PM मोदी ने वाराणसी में एक जनसभा को भी संबोधित किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) पहुंच चुके हैं. देव दीपावली के मौके पर गंगा के 84 घाटों पर लगभग 15 लाख दीए जलाए जाएंगे. इस दौरान देश की खुशहाली के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath) में तीन दीपक भी जलाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 11:18 PM IST
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नई दिल्ली. कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली (Dev Deepawali) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के खजूरी में सिक्स लेन हाईवे का लोकार्पण किया. लोकार्पण के बाद एक जनसभा को संबोधित कर पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को लेकर कई बातें कहीं. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों के लिए बनाए गए कानून उनकी भलाई के लिए हैं, जिन्हें पुराने नियम के हिसाब से अपना माल बेचना है उनके लिए कोई रोक-टोक नहीं है. किसानों को नए विकल्प मिले हैं और उन्हें बचाने के लिए कानूनी संरक्षण भी दिया जा रहा है.

पीएम मोदी भारत के कृषि उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर हैं. क्या किसान की इस बड़े मार्केट और ज्यादा दाम तक पहुंच नहीं होनी चाहिए? अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेनदेन ही ठीक समझता है तो, उस पर भी कहां रोक लगाई गई है? पीएम मोदी ने कहा कि नए कृषि सुधारों से किसानों को नए विकल्प और नए कानूनी संरक्षण दिए गए हैं. पहले मंडी के बाहर हुए लेनदेन ही गैरकानूनी थे. अब छोटा किसान भी, मंडी से बाहर हुए हर सौदे को लेकर कानूनी कार्यवाही कर सकता है. किसान को अब नए विकल्प भी मिले हैं और धोखे से कानूनी संरक्षण भी मिला है.

आशंकाओं को बनाया जा रहा विरोध का तरीका
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारें नीतियां बनाती हैं, कानून-कायदे बनाती हैं. नीतियों और कानूनों को समर्थन भी मिलता है तो कुछ सवाल भी स्वभाविक ही है. ये लोकतंत्र का हिस्सा है और भारत में ये जीवंत परंपरा रही है. लेकिन पिछले कुछ समय से एक अलग ही ट्रेंड देश में देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पहले होता ये था कि सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था तो उसका विरोध होता था. लेकिन बीते कुछ समय से हम देख रहे हैं कि अब विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि आशंकाओं को बनाया जा रहा है.




पीएम मोदी ने कहा कि अपप्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन इससे आगे चलकर ऐसा हो सकता है. जो अभी हुआ ही नहीं, जो कभी होगा ही नहीं, उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है. कृषि सुधारों के मामले में भी यही हो रहा है. ये वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि MSP तो घोषित होता था लेकिन MSP पर खरीद बहुत कम की जाती थी. सालों तक MSP को लेकर छल किया गया. किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्जमाफी के पैकेज घोषित किए जाते थे. लेकिन छोटे और सीमांत किसानों तक ये पहुंचते ही नहीं थे. यानि कर्ज़माफी को लेकर भी छल किया गया. किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थीं. लेकिन वो खुद मानते थे कि 1 रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते थे. यानि योजनाओं के नाम पर छल.

झूठ फैलाना विपक्ष की मजबूरी
पीएम मोदी ने कहा कि जब इतिहास छल का रहा हो, तब 2 बातें स्वभाविक हैं. पहली ये कि किसान अगर सरकारों की बातों से कई बार आशंकित रहता है तो उसके पीछे दशकों का इतिहास है. दूसरी ये कि जिन्होंने वादे तोड़े, छल किया, उनके लिए ये झूठ फैलाना मजबूरी बन चुका है कि जो पहले होता था, वही अब भी होने वाला है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब इस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड देखेंगे तो सच अपने आप सामने आ जाएगा. हमने कहा था कि हम यूरिया की कालाबाज़ारी रोकेंगे और किसान को पर्याप्त यूरिया देंगे. बीते 6 साल में यूरिया की कमी नहीं होने दी. यहां तक कि लॉकडाउन तक में जब हर गतिविधि बंद थी, तब भी दिक्कत नहीं आने दी गई. हमने वादा किया था कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुकूल लागत का डेढ़ गुणा MSP देंगे. ये वादा सिर्फ कागज़ों पर ही पूरा नहीं किया गया, बल्कि किसानों के बैंक खाते तक पहुंचाया है.

पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ दाल की ही बात करें तो 2014 से पहले के 5 सालों में लगभग साढ़े 6 सौ करोड़ रुपए की ही दाल किसान से खरीदी गईं. लेकिन इसके बाद के 5 सालों में हमने लगभग 49 हज़ार करोड़ रुपए की दालें खरीदी हैं यानि लगभग 75 गुणा बढ़ोतरी. 2014 से पहले के 5 सालों में पहले की सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपए का धान खरीदा था. लेकिन इसके बाद के 5 सालों में 5 लाख करोड़ रुपए धान के MSP के रूप में किसानों तक हमने पहुंचाए हैं. यानि लगभग ढाई गुणा ज्यादा पैसा किसान के पास पहुंचा है.

5 साल में गेंहू किसानों को मिले 3 लाख करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले के 5 सालों में गेहूं की खरीद पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए के आसपास ही किसानों को मिला. वहीं हमारे 5 सालों में 3 लाख करोड़ रुपए गेहूं किसानों को मिल चुका है यानि लगभग 2 गुणा. अब आप ही बताइए कि अगर मंडियों और MSP को ही हटाना था, तो इनको ताकत देने, इन पर इतना निवेश ही क्यों करते? हमारी सरकार तो मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है.

पीएम मोदी ने हाईवे के लोकार्पण के बाद कहा कि देव दीपावली और गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव पर आज काशी को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक और उपहार मिल रहा है. इसका लाभ काशी के साथ ही प्रयागराज के लोगों को भी होगा, आप सभी को बहुत-बहुत बधाई. जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 70 किमी से ज्यादा का ये सफर अब आराम से और तेज रफ्तार से होगा. इससे काशी और प्रयागराज का आना-जाना और आसान हो गया है. पीएम मोदी ने कहा कि काशी को बड़ा उपहार मिल रहा है इसका लाभ कुंभ के दौरान भी लोगों को मिलेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे याद है कि 2013 में मेरी पहली जनसभा इसी मैदान पर हुई थी. तब यहां से गुजरने वाला हाइवे 4 लेन का था. आज बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ये 6 लेन का हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जितना काम बनारस के आस-पास अब हो रहा है वह आजादी के बाद कभी भी नहीं हुआ. पीएम मोदी ने कहा कि इस हाइवे के चौड़ा होने से काशी और प्रयागराज के बीच आना जाना और आसान हो गया है. कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों और इस क्षेत्र के लोगों को होने वाली परेशानियां समाप्त हो जाएंगी. इसका लाभ कुंभ के दौरान भी मिलेगा.

काशी में सुंदरीकरण के साथ हुआ कनेक्टिविटी का काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में काशी के सुंदरीकरण के साथ-साथ यहां की कनेक्टिविटी में जो काम हुआ है, उसका लाभ अब दिख रहा है. नए हाइवे बनाना हो, पुल-फ्लाई ऑवर बनाना हो, जितना काम बनारस और आस-पास के क्षेत्रों में अब हो रहा है, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ.

पीएम मोदी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति क्या थी, ये आप भली-भांति जानते हैं. आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में हो रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 3-4 साल पहले यूपी में सिर्फ दो बड़े एयरपोर्ट प्रभावी रूप से काम कर रहे थे. आज करीब एक दर्जन एयरपोर्ट यूपी में सेवा के लिए तैयार हो रहे हैं. वाराणसी के एयरपोर्ट के विस्तार का काम चल रहा है.

देव दीपावली के मौके पर गंगा के 84 घाटों पर लगभग 15 लाख दीए जलाए जाएंगे. इस दौरान देश की खुशहाली के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath) में तीन दीपक भी जलाएंगे. कोरोना काल में पीएम मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा है. मोदी क्रूज पर बैठकर गंगा घाटों की दिव्य छटा का भी आनंद लेंगे.

पीएम मोदी के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल
>>पीएमओ ने प्रधानमंत्री मोदी के बनारस दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया है. पीएम मोदी दोपहर 2 बजे के बाद विशेष विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे. एयरपोर्ट पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने (Yogi Adityanath) उनका स्वागत किया

>>इसके बाद मोदी ने राजा तालाब के पास खजुरी में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से लगभग 2447 करोड़ की लागत से तैयार सिक्स लेन हाईवे का लोकार्पण किया.

>>लोकार्पण के बाद पीएम मोदी सेना के हेलीकॉप्टर से गंगापार सूजाबाद पहुंचेंगे. इसके बाद विश्वनाथ मंदिर के दर्शन पूजन के बाद पीएम विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का अवलोकन करेंगे.

>>इसके बाद राजाघाट पर दीपदान के बाद पीएम जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद नरेंद्र मोदी गंगा नदी पर मौजूद क्रूज के जरिए दीयों से सजे गंगा घाट की भव्यता को निहारेंगे.

>>यहां से पीएम मोदी सारनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे. सारनाथ पहुंचकर पीएम मोदी महात्मा बुद्ध के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो को देखेंगे.

>>विभिन्‍न कार्यक्रमों में हिस्‍सा लेने के बाद रात 8.50 बजे दिल्‍ली वापस लौट जाएंगे.

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वाराणसी-प्रयागराज सिक्स लेन का लोकार्पण
पीएम मोदी मिर्जापुर के खजुरी में एनएच-19 वाराणसी-प्रयागराज सिक्‍स लेन परियोजना का पीएम मोदी लोकार्पण करने वाले हैं. इसके बाद मोदी बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे. प्रधानमंत्री की खजूरी में जनसभा में पांच हजार लोग शामिल होंगे. सभा के लिए बने विशाल पंडाल में कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर दो-दो गज की दूरी पर कुर्सियां लगाई गई है. पीएम मोदी के साथ मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी भी मौजूद रहेंगे.

PM Modi के स्वागत को तैयार है, Varanasi के घाट

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर यहां सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है. जमीन से आसमान तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. जमीन पर सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी के साथ सीओ स्तर के अधिकारी, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के साथ पुलिसकर्मियों का बड़ा दस्ता चप्पे-चप्पे पर नजर रखेगा. इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के जरिए भी सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी.
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