IPS प्रोबेशनर्स को पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह, सिंघम देखकर ना करें ड्यूटी

IPS प्रोबेशनर्स को पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह, सिंघम देखकर ना करें ड्यूटी
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पीएम मोदी

IPS प्रोबेशनर्स से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि ट्रेनिंग का बहुत बड़ा महत्व होता है. ज्यादातर हमारे देश में सरकारी मुलाजिम के लिए ट्रेनिंग को पनिशमेंट माना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2020, 3:27 PM IST
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हैदराबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में युवकों को शुरुआत से ही आतंकवाद की राह पर जाने से रोकने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों से वहां की महिलाओं की मदद लेने की अपील की. मोदी ने शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारियों को ऑनलाइन संबोधित किया. उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान देश में पुलिस का ‘मानवीय’ पक्ष सामने आया है.

एक महिला प्रोबेशनरी अधिकारी के सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे ‘प्यारे ’ लोग हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं इन लोगों के साथ बहुत जुड़ा हुआ हूं. वे आपके साथ बेहद प्यार से पेश आते हैं... हमें गलत राह पर जाने वालों को रोकना होगा. महिलाएं ऐसा कर सकती हैं.’

'न बनें सिंघम'
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘(जम्मू-कश्मीर में) हमारी माएं ऐसा कर सकती हैं....अगर हम शुरू में ही ऐसा करें तो बहुत अच्छा होगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि योग और प्राणायाम तनाव दूर करने के लिए बहुत फायदेमंद हैं. उन्होंने कहा कि कि सिंघम जैसी फिल्में देखने के बाद, कुछ पुलिस अधिकारी खुद को 'अत्यधिक ऊंचा' समझने लगते हैं. पीएम ने उन्हें ऐसा कोई भी काम न करने की सलाह दी क्योंकि इससे उनके अच्छे काम को नजरअंदाज किया जा सकता है.
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस पेशे में, कुछ 'अनपेक्षित' चीजों की संभावना काफी अधिक है. इसलिए अधिकारियों को सतर्क रहना चाहिए और उनका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.



IPS प्रोबेशनर्स से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक ने हमारी बहुत मदद की है. केस को सुलझाने में भी तकनीक बहुत मदद कर रही है. लेकिन पुलिस के लोग आजकल जो सस्पेंड होते हैं तो उसका एक कारण भी तकनीक है. आपको इस पर बल देना होगा कि तकनीक का कैसे ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक उपयोग हो.



131 IPS प्रोबेसनर्स थे मौजूद
प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान 131आईपीएस मौजूद थे जिसमें 28 महिला प्रोबेशनर शामिल हैं, जिन्‍होंने इस अकादमी में बुनियादी पाठ्यक्रम चरण-1 के 42 सप्ताह पूरे कर लिए हैं. इन प्रोबेशनरों ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी और डॉ. मैरी चन्‍ना रेड्डी मानव संसाधन विकास संस्‍थान तेलंगाना, हैदराबाद में आईएएस, आईएफएस जैसी अन्‍य सेवाओं के प्रोबेशनरों के साथ अपना फाउंडेशन कोर्स पूरा करने के बाद 17 दिसंबर 2018 को इस अकादमी में प्रवेश किया था.

सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) में बेसिक कोर्स प्रशिक्षण के दौरान प्रोबेशनरों को कानून, जांच-पड़ताल, फोरेंसिक, नेतृत्व एवं प्रबंधन, अपराध विज्ञान, सार्वजनिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा, नैतिकता और मानवाधिकार, आधुनिक भारतीय पुलिस व्‍यवस्‍था, फील्ड क्राफ्ट और युक्तियां, हथियार प्रशिक्षण और गोलाबारी जैसे विभिन्‍न इंडोर और आउटडोर विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है.
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