Niti Aayog की बैठक में बोले पीएम नरेंद्र मोदी- जिलों तक जाए सहकारी संघवाद, कोरोनाकाल में देश हुआ सफल

Niti Ayog की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पीएम मोदी

Niti Ayog की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पीएम मोदी

Niti Aayog के गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम ये भी देख रहे हैं कि कैसे देश का प्राइवेट सेक्टर, देश की इस विकास यात्रा में और ज्यादा उत्साह से आगे आ रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 11:11 AM IST
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नई दिल्ली. नीति आयोग (Niti Aayog) के संचालन परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि  हमने कोरोना कालखंड में देखा है कि कैसे जब राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर काम किया, देश सफल हुआ. पीएम ने कहा कि सहकारी संघवाद और अधिक सार्थक बनाना और यही नहीं हम प्रयत्न पूर्वक प्रतिस्पर्धात्मक सहकारी संघवाद को न केवल राज्यों के बीच, बल्कि डिस्ट्रिक्ट तक ले जाना ही चाहते हैं. इसलिए विकास की स्पर्धा निरंतर चलती रहे. पीएम ने कहा कि इस वर्ष के बजट पर जिस तरह का सकारात्मक जवाब आया है, उन्होंने जता दिया है कि देश का मूड क्या है. देश मन बना चुका है. देश तेजी से आगे बढ़ना चाहता है, देश अब समय नहीं गंवाना चाहता है.

 विश्व के लिए भी उत्पादन करे भारत - पीएम

प्रधानमंत्री ने कहा- साल 2014 से, ग्रामीण और शहरी भारत में 2.4 करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं. एक और पहल चल रही है जिसमें भारत में छह राज्यों में आधुनिक तकनीक से मकान बनाए जा रहे हैंय कुछ महीनों में, इस मॉडल द्वारा नए मॉडल के साथ मजबूत घर बनाए जाएंगे.

मोदी ने कहा कि हम ये भी देख रहे हैं कि कैसे देश का प्राइवेट सेक्टर, देश की इस विकास यात्रा में और ज्यादा उत्साह से आगे आ रहा है.  सरकार के नाते हमें इस उत्साह का, प्राइवेट सेक्टर की ऊर्जा का सम्मान भी करना है और उसे आत्मनिर्भर भारत अभियान में उतना ही अवसर भी देना है.
पीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, एक ऐसे भारत का निर्माण का मार्ग है जो न केवल अपनी आवश्यकताओं के लिए बल्कि विश्व के लिए भी उत्पादन करे और ये उत्पादन विश्व श्रेष्ठता की कसौटी पर भी खरा उतरे. केंद्र सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स के लिए PLI योजनाएं शुरू की हैं. ये देश में मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने का बेहतरीन अवसर है. राज्यों को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलता है. पीएम ने कहा कि बीते वर्षों में कृषि से लेकर, पशुपालन और मत्स्यपालन तक एक समग्र दृष्टिकोण अपनाई गई है. इसका परिणाम है कि कोरोना के दौर में भी देश के कृषि निर्यात में काफी बढोतरी हुई है
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