कोरोना वायरस की दूसरी लहर, CMs के बाद 14 अप्रैल को अब राज्यपालों के साथ बैठक करेंगे पीएम मोदी

कोरोना के प्रसार पर प्रधानमंत्री ने जताई चिंता,  (फोटो साभार-ANI)

कोरोना के प्रसार पर प्रधानमंत्री ने जताई चिंता, (फोटो साभार-ANI)

Coronavirus in India: राज्यपालों के साथ चर्चा में पीएम मोदी देश भर में बिगड़ती स्थिति को लेकर बातचीत कर सकते हैं इसके साथ ही संक्रमण की चेन को तोड़ने के उपायों पर चर्चा हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 12:28 AM IST
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नई दिल्ली. कोविड-19 के बढ़ते मामलों (Coronavirus Cases) के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 14 अप्रैल को शाम साढ़े बजे तक राज्यपालों के साथ बातचीत करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 8 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की थी. मुख्यमंत्रियों संग बैठक में प्रधानमंत्री ने कोविड उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए राज्यों में सर्वदलीय बैठक बुलाने का सुझाव दिया, जिसमें राज्यपाल, मशहूर हस्तियों एवं अन्य सम्मानित लोगों को शामिल करने का सुझाव दिया था. राज्यपालों के साथ चर्चा में पीएम मोदी देश भर में बिगड़ती स्थिति को लेकर बातचीत कर सकते हैं इसके साथ ही संक्रमण की चेन को तोड़ने के उपायों पर चर्चा हो सकती है.

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में कहा था कि भारत ने कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) की पहली लहर की चरम सीमा को पार कर लिया है; कुछ राज्यों में स्थिति बहुत गंभीर है. पीएम मोदी ने कहा था कि लोग पहले से अधिक बेपरवाह हो गए हैं, कुछ राज्यों में प्रशासन शिथिलता बरत रहा है. प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से संक्रमण की दर पांच फीसदी से नीचे लाने के लिए उपाय करने को भी कहा. पीएम मोदी ने कहा था कि किसी व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद 72 घंटे में उसके संपर्क में आए 30 लोगों का पता लगाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए.

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बता दें भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक 1,68,912 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,35,27,717 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार की सुबह आठ बजे के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. देश में संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 90 प्रतिशत से भी कम रह गई है. आंकड़ों में बताया गया है कि देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 12 लाख से अधिक हो गई है तथा 904 और लोगों की मौत होने के बाद संक्रमण से अब तक मारे गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,70,179 हो गई है.

संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार 33वें दिन हुई बढ़ोतरी के बीच देश में उपचाराधीन लोगों की संख्या बढ़कर 12,01,009  हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 8.88  प्रतिशत है, जबकि लोगों के स्वस्थ होने की दर गिरकर 89.86 प्रतिशत रह गई है.

देश में सबसे कम 1,35,926 उपचाराधीन मरीज 12 फरवरी को थे और सबसे अधिक 10,17,754 उपचाराधीन मरीज 18 सितंबर 2020 को थे, लेकिन अब उनकी संख्या इस आंकड़े से भी आगे निकल गई है. आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से अब तक 1,21,56,529, लोग उबर चुके हैं जबकि मृत्यु दर 1.26 प्रतिशत है.



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भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे. वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गए थे.



भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 11 अप्रैल तक  25,78,06,986 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 11,80,136  नमूनों की जांच रविवार को की गई.
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