लोकसभा, विधान सभा और स्थानीय चुनाव के लिए कॉमन वोटर लिस्ट पर PMO कर रहा है विचार: रिपोर्ट

लोकसभा, विधान सभा और स्थानीय चुनाव के लिए कॉमन वोटर लिस्ट पर PMO कर रहा है विचार: रिपोर्ट
सांकेतिक तस्वीर

Common Voter List: संविधान का अनुच्छेद 324 (1) चुनाव आयोग को संसद और राज्य विधानसभाओं के सभी चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने और उसके नियंत्रण का अधिकार देता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 10:11 AM IST
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नई दिल्ली. एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर फिलहाल कोई फैसला तो नहीं लिया गया है, लेकिन सरकार कॉमन वोटर लिस्ट (Common Voter List) के इस्तेमाल पर विचार कर रही है. यानी लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनाव में एक ही वोटर लिस्ट के इस्तेमाल पर चर्चा चल रही है. इस मुद्दे पर कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में बैठक हुई थी. फिलहाल कुछ ही राज्यों में चुनाव आयोग की तरफ से तैयार किए गए वोटर लिस्ट का इस्तेमाल पंचायत और नगरपालिका चुनाव में किया जाता है.

बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अध्यक्षता में 13 अगस्त को इस मुद्दे को लेकर एक बैठक हुई थी. बैठक में मुख्य तौर पर दो विकल्पों पर चर्चा हुई. सबसे पहले, अनुच्छेद 243K और 243ZA के लिए एक संवैधानिक संशोधन पर विचार किया गया. इस संसोधन के बाद देश में सभी चुनावों के लिए एक ही मतदाता सूची का होना अनिवार्य हो जाएगा. दूसरा, राज्य सरकारों को अपने संबंधित कानूनों को संशोधित करने और नगरपालिका और पंचायत चुनावों के लिए चुनाव आयोग की मतदाता सूची को अपनाने के लिए राजी करना. अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस बैठक में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, विधान सचिव जी नारायण राजू, पंचायती राज सचिव सुनील कुमार और चुनाव आयोग के तीन प्रतिनिधि जिनमें महासचिव उमेश सिन्हा शामिल हुए.

क्या है अनुच्छेद 324 (1) ?
संविधान का अनुच्छेद 324 (1) चुनाव आयोग को संसद और राज्य विधानसभाओं के सभी चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने और उसके नियंत्रण का अधिकार देता है. दूसरे शब्दों में कहें तो चुनाव आयोग स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपने खुद के वोटर लिस्ट तैयार करने के लिए स्वतंत्र हैं.



इन राज्यों में नहीं हो रहा इस्तेमाल
फिलहाल ज्यादातर राज्य अपनी नगरपालिकाओं और पंचायतों के चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की मतदाता सूची का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, असम, मध्य प्रदेश, केरल, ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपने खुद के वोटर लिस्ट हैं. बता दें कि कॉमन वोटर लिस्ट लाना पिछले साल बीजेपी के घोषणा पत्र में थे. कहा जा रहा है कि इस्तेमाल से समय और खर्चा दोनों बचेगा.
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