उरी अटैक से बढ़ीं इस परिवार की चिंताएं, मगर PMO की चिट्ठी से बंधी बेटे की घर वापसी की आस

उरी अटैक से बढ़ीं इस परिवार की चिंताएं, मगर PMO की चिट्ठी से बंधी बेटे की घर वापसी की आस
साभार: गेटी इमेज

उरी हमले के बाद परिवार की फिक्र ये है कि अगर हालात औऱ बिगड़े तो उनका बेटा वापस कैसे आएगा?

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(बालाघाट से अर्पित वैद्य के साथ) 

भोपाल। उरी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों से मध्य प्रदेश के बालाघाट में एक आदिवासी परिवार ख़ासे तनाव में जी रहा है। परिवार का बेटा दो साल से पाकिस्तान की जेल में बंद है। पर अब परिवार को पीएमओ से मिली चिट्ठी ने बेटे के वापस अपने मुल्क आने की उम्मीद बढ़ा दी है।

बालाघाट जिले के खुड्डीपुर गांव में रहने वाली एक महिला की आंखें कुछ खोज रही हैं। ये तलाश शुरू हुई थी उस चिट्ठी से, जो पाकिस्तान की जेल से उसके बेटे सुनील ने अपने भाई को लिखी। चिट्ठी में लिखा है, ‘भाई मैं पाकिस्तान की जेल में हूं। मां का ख्याल रखना। मैं मछली पकड़ने गलती से पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। मेरे साथ यहां यूपी बिहार के कुछ और लड़के हैं। मां की मुझे बहुत याद आती है। आप उनकी तबियत का ध्यान रखना। मेरे पास पहचान के कोई कागज़ नहीं हैं इसलिए वो लोग मुझे छोड़ नहीं रहे हैं।



सुनील रोजी रोटी के लिये गुजरात गया था। गलती से पाकिस्तान की सीमा में चला गया और अब दो साल से जेल में है। मां ने पीएम से लेकर हर जगह बेटे की वापसी की गुहार लगाई और अब प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली चिट्ठी फिर उम्मीद की रोशनी लाई है।



सुनील के भाई रमेश उईके कहतेंदु हैं कि मेरा भाई गुजरात गया था। रोजी रोटी कमाने के लिए। वहां से कैसे वह पाकिस्तान पहुंच गया हमें नहीं मालूम। हमारी सरकार से गुहार है कि जल्दी से जल्दी उसे वापस लाने की कोशिश करे।

वो बताते हैं कि पीएमओ से परिवार को एक चिट्ठी मिली है जिसके मुताबिक  अनिल उईके का अपने भाई सुनील के पाकिस्तान की जेल में होने के बारे में पत्र मिला है और इसे उचित कार्यवाही के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

बालाघाट के एसपी डॉ. असित यादव कहते हैं कि इस मामले में हमने विदेश औऱ गृह मंत्रालय से चर्चा की है। इस युवक को छुड़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

पाकिस्तान की जेलों में बंद सुनील अकेला हिंदुस्तानी नहीं है। उरी हमले के बाद परिवार की फिक्र ये है कि अगर हालात औऱ बिगड़े तो उनका बेटा वापस कैसे आएगा? सुनील का परिवार औऱ दोस्त बस अमन चैन बना रहे यही दुआ कर रहे हैं ताकि उनके जिगर का टुकड़ा फिर अपने वतन वापस आ जाए।
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