गुजरात में पोक्सो आरोपी को पीड़िता से शादी करने के लिए जमानत दी गई

गुजरात में पोक्सो आरोपी को पीड़िता से शादी करने के लिए जमानत दी गई
लॉकडाउन के दौरान दोनों ने शादी कर ली थी (सांकेतिक फोटो)

लड़की तब नाबालिग थी. उसके पिता ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी. आदमी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत अपहरण, छेड़छाड़, बलात्कार के साथ-साथ बच्चों के संरक्षण के यौन अपराधों (POSCO) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुकदमा किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 9:02 PM IST
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अहमदाबाद. मिर्जापुर ग्रामीण अदालत परिसर (Mirzapur rural court campus) में एक सत्र अदालत (sessions court) ने 26 वर्षीय पोक्सो (Pocso) आरोपी को नियमित जमानत दे दी ताकि वह पीड़ित से बहुत धूमधाम से शादी कर सके. इसके लिए केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि पीड़िता (survivor) और उसके परिवार ने भी अनुरोध किया था. इस मामले में आरोपी और लड़की, दोनों अहमदाबाद (Ahmedabad) के बाहरी इलाके में शांतिपुरा गांव के निवासी हैं, जो 2017 में भाग गये थे.

लड़की तब नाबालिग थी. उसके पिता ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी. आदमी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत अपहरण, छेड़छाड़, बलात्कार के साथ-साथ बच्चों के संरक्षण के यौन अपराधों (POSCO) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुकदमा किया गया था. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कुछ महीने पहले दंपति लौट आए थे और लड़की के पिता की ओर से दर्ज गई प्राथमिकी के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया था.

'लड़की अब बालिग, दोनों कर चुके हैं शादी'
हालांकि, तीन साल में स्थिति बदल गई. अभियुक्तों और पीड़िता के परिवारों के लोगों ने विवाद को सुलझाया और पारंपरिक उत्सव के साथ उनके लिए शादी की व्यवस्था करने का फैसला किया. आरोपी ने जमानत याचिका दायर की और लड़की और उसके पिता ने भी एक हलफनामा दायर किया.
वे अदालत में अपहरण और बलात्कार के मामले में पेश हुए लेकिन ये ऐसा मामला नहीं था. वे प्यार में थे और वे एक साथ पति-पत्नी के रूप में रहते थे. उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान करके शादी भी की थी, लेकिन चूंकि लॉकडाउन अवधि के दौरान अनुष्ठान हुआ, यह एक साधारण शादी थी. लेकिन, अब चूंकि परिवारों के बीच मतभेदों को सुलझा लिया गया है, इसलिए आरोपी को जमानत पर रिहा किया जा सकता है, ताकि परिवार सामाजिक परंपरा के अनुसार फिर से शादी का आयोजन कर सकें.



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राज्य सरकार ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत याचिका का विरोध किया. लेकिन अदालत ने कहा कि पीड़ित लंबे समय से लापता था. वह अब वयस्क है. हलफनामे में सुझाव दिया गया है कि समझौता हुआ है, और आरोपी को जमानत पर रिहा करने पर पीड़ित और उसके पिता को कोई समस्या नहीं है.
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