JEE Mains 2020 में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, टॉपर और पिता समेत 5 गिरफ्तार

जेईई मेन्स में फर्जीवाड़ा!
जेईई मेन्स में फर्जीवाड़ा!

हाल ही में संपन्न हुए Jee Mains 2020 में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. पुलिस ने एक टॉपर, उसके पिता समेत तीन अन्य लोगों को अरेस्ट किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 11:23 AM IST
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गुवाहाटी. असम( (Assam) स्थित गुवाहाटी (Guwahati) निवासी एक शख्स की प्राथमिकी पर कार्रवाई करते हुए राज्य पुलिस ने हाल ही में आयोजित जेईई मेन्स पेपर (JEE Mains 2020) में एक फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. यहां 99.8% अंक पाने वाले कैंडिडेट के पिता और उसके लिए पेपर सॉल्व करने वाले एक प्रॉक्सी का इंतजाम करने वाले तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया है.

गुवाहाटी स्थित अजरा पुलिस स्टेशन में स्थानीय डॉक्टर ज्योतिर्मय दास (कैंडिडेट नील नक्षत्र दास के पिता), महेंद्र नाथ सरमा, प्रांजल कलिता और एग्जामिनेशन सेंटर के कर्मचारी हीरालाल पाठक को गिरफ्तार किया है. गुरुवार को सभी आरोपी अदालत में पेश कए जाएंगे.

कैंडिडेट ने किया था प्रॉक्सी का इस्तेमाल
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार TCS-iON द्वारा संचालित एग्जामिनेशन सेंटर को स्थानीय एजेंसी से इंफ्रास्ट्रक्चर को लीज पर लिया था. इस मामले पर पुलिस कमिश्नर ने एमपी गुप्ता ने कहा कि असम में जेईई मेन्स के टॉपर के खिलाफ परीक्षा में कथित तौर प्रॉक्सी बिठाने के लिए अजरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है.'
कमिश्नर ने कहा मामले की जांच के दौरान पता चला कि कैंडिडेट ने एक अन्य एजेंसी की मदद से प्रॉक्सी का इस्तेमाल किया था. इस मामले में टेस्टिंग सेंटर के कर्मचारी भी शामिल हैं. यह सिर्फ एक केस नहीं हो सकता है लेकिन आसार हैं कि यह एक बड़ा घोटाला हो जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग भी शामिल हो सकते हैं.



NTA को दी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि 23 अक्टूबर को मित्रदेव शर्मा ने एक एफआईआर कराई थी जिसके बाद जांच शुरु किया गया. एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग और कुछ चैट्स के स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद इस घटना का पता चला.

कहा गया कि कैंडिडेट ने कथित तौर पर ज्यादा नंबर हासिल करने के लिए अनफेयर मीन्स का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की.बताया गया कि एग्जामिनेशन सेंटर के इन्विजलेटर ने आंसर सीट और दस्खत पर रोल नंबर लिखने के बाद कैंडिडेट को बाहर निकाला. बाद में प्रॉक्सी ने आंसर शीट में जवाब लिखे.

इस मामले में पुलिस ने जेईई मेन्स से जुड़े डाटा की जांच कर रही है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को सूचित कर दिया है.
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