केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में केंद्र के नियंत्रण में होगी पुलिस, कानून व्यवस्था

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर (Union Territory Jammu Kashmir) में कानून एवं व्यवस्था और पुलिस का नियंत्रण उपराज्यपाल के माध्यम से सीधे केंद्र के हाथों में रहेगा. दोनों केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे.

भाषा
Updated: August 11, 2019, 9:19 PM IST
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में केंद्र के नियंत्रण में होगी पुलिस, कानून व्यवस्था
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में कानून एवं व्यवस्था और पुलिस का नियंत्रण उपराज्यपाल के माध्यम से सीधे केंद्र के हाथों में रहेगा
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Updated: August 11, 2019, 9:19 PM IST
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में कानून एवं व्यवस्था और पुलिस का नियंत्रण उपराज्यपाल के माध्यम से सीधे केंद्र के हाथों में रहेगा जबकि भूमि वहां की निर्वाचित सरकार के अधीन एक विषय होगा. अधिकारियों ने रविवार को यह बात कही.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने शुक्रवार को जम्मू कश्मीर को बांटने संबंधी विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी जिससे दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे.

निर्वाचित सरकार के पास होंगे भूमि के अधिकार
भूमि को लेकर अधिकार केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार के पास रहेंगे. ऐसा दिल्ली (Delhi) के उलट होगा जहां भूमि पर नियंत्रण उपराज्यपाल दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जरिये रखते हैं.

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में एक उपराज्यपाल होंगे और उसकी विधानसभा में सीटों की संख्या 107 होगी जिसे परिसीमन कवायद से 114 तक बढ़ाया जा सकता है. विधानसभा की 24 सीटें खाली रहेंगी क्योंकि ये सीटें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पड़ती हैं.

Jammu Kashmir, Delhi, Puducherry
दिल्ली और पुडुचेरी में पुलिस और कानून एवं व्यवस्था को उपराज्यपाल के माध्यम से सीधे केंद्र द्वारा नियंत्रित किया जाता है.


दिल्ली पुडुचेरी जैसी होगी कानून-व्यवस्था
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दिल्ली और पुडुचेरी (Delhi & Puducherry) में पुलिस और कानून एवं व्यवस्था को उपराज्यपाल के माध्यम से सीधे केंद्र द्वारा नियंत्रित किया जाता है. दोनों ही केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी विधानसभा हैं. भूमि पर नियंत्रण से संबंधित मामले जिसमें भूमि अधिकार, कृषि भूमि का हस्तांतरण, भूमि सुधार और कृषि ऋण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार के अंतर्गत होंगे. आकलन और राजस्व संग्रहण सहित भूमि राजस्व, भूमि रिकार्ड रखरखाव, राजस्व उद्देश्य के लिए सर्वेक्षण और राजस्व का हस्तांतरण भी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार के अधिकार क्षेत्र में आएगा.

31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे दोनों केंद्र शासित प्रदेश
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) में पुलिस, कानून एवं व्यवस्था और भूमि के मामले उपराज्यपाल के सीधे नियंत्रण में होंगे, जहां का प्रशासन केंद्र उपराज्यपाल के जरिये संभालेगा. कानून के तहत लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी. नवगठित दोनों केंद्र शासित प्रदेश नियत दिन 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे. उसी दिन से जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय (Jammu Kashmir High Court) दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए साझा उच्च न्यायालय होगा.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जैसी अखिल भारतीय सेवाएं उपराज्यपाल के नियंत्रण में होंगी न कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार के नियंत्रण में. ये सेवाएं और एसीबी दो प्रमुख मुद्दे हैं जिसको लेकर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) नीत दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच बार-बार टकराव होता रहा है.

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First published: August 11, 2019, 9:19 PM IST
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