नीति निर्माता भविष्य की नौकरियों को लेकर बनाएं प्लान: प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीति निर्माताओं को भविष्य की नौकरियों की प्रकृति पर ध्यान देते हुए उसके हिसाब से नीतियां बनानी चाहिए.

भाषा
Updated: September 15, 2018, 10:16 PM IST
नीति निर्माता भविष्य की नौकरियों को लेकर बनाएं प्लान: प्रधान
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फाइल फोटो)
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Updated: September 15, 2018, 10:16 PM IST
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित 11वें वैश्विक कौशल सम्मेलन में भविष्य की नौकरियों पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि सार्वजनिक नीति निर्माताओं को रोजगार की बदलती प्रकृति तथा उनकी उपलब्धता पर ध्यान देना चाहिए. जो सार्वजनिक नीतियां बना रहे हैं उन्हें भविष्य के रोजगार की प्रकृति को समझना चाहिए और उनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी रखनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि ये महज मिथ्या है कि नवोन्मेष में नौकरियां कम हो रही हैं. जहां कहीं नौकरियां कम हुई हैं वहीं कई अन्य क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी नवोन्मेष से नौकरियों में कई गुना इजाफा हुआ है.

बता दें कि अभी हाल ही में प्रधान ने एनटीपीसी की एक परियोजना को मंजूरी नहीं दिए जाने से आहत होकर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को खत लिखकर नाराजगी जताई थी. खत में उन्होंने लिखा कि 9785 करोड़ के 1320 मेगावाट प्रोजेक्ट को मंजूरी देने में सरकार देरी क्यों कर रही है? उन्‍होंने आरोप लगाया कि एनटीपीसी, तेल कंपनियों के प्रस्तावों को आखिर नवीन सरकार की हाई लेवल क्लियरेंस कमिटी मंजूरी क्यों नहीं दे रही है.

प्रधान ने अपने खत में लिखा है कि इससे न सिर्फ निवेशकों में गलत संदेश जाएगा बल्कि वो राज्य में निवेश करने से भी कतराएंगे. प्रधान ने नवीन पटनायक से पूरे मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग भी की थी.
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