शीला दीक्षित: जब नेहरू से मिलने पैदल ही उनके घर पहुंच गयीं थीं 15 साल की शीला

1998 में सोनिया गांधी ने उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया. वो न सिर्फ़ चुनाव जीतीं बल्कि लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं.

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Updated: July 20, 2019, 5:38 PM IST
शीला दीक्षित: जब नेहरू से मिलने पैदल ही उनके घर पहुंच गयीं थीं 15 साल की शीला
शीला दीक्षित: कैसे एक साधारण कार्यकर्ता से बनीं दिल्ली की CM
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Updated: July 20, 2019, 5:38 PM IST
एक दिन 15 साल की बच्ची शीला कपूर ने फैसला किया कि वो देश के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मिलेंगी. इसके लिए वो उनके 'तीन मूर्ति भवन' वाले निवास पर जाएंगी. इसके लिए वो अपने साधारण से घर से पैदल ही निकली और चलते हुए 'तीन मूर्ति भवन' पहुंच गईं.

गेट पर मौजूद गार्ड ने उनसे पूछा, 'आप किससे मिलने अंदर जा रही हैं?' शीला का जवाब था 'पंडितजी से!' उन्हें अंदर जाने दिया गया. उसी समय जवाहरलाल नेहरू अपनी सफेद एंबेसडर कार पर सवार हो कर कहीं बाहर जाने के लिए निकल रहे थे. शीला ने उन्हें देखकर अपना हाथ लहराया. उन्होंने भी हाथ हिला कर उनका जवाब दिया.

शीला कपूर भी कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस बड़े राजनीतिक हस्ती ने इतनी गर्मजोशी से उनके अभिवादन का जवाब दिया है, 32 साल बाद वो उसके ही नाती राजिव गांधी के मंत्री परिषद की महत्वपूर्ण सदस्या होंगीं.



जब  इंदिरा गांधी को खाने पर बुलाया
शीला दीक्षित ने राजनीति के गुर अपने ससुर और कांग्रेस के कद्दावर नेता उमाशंकर दीक्षित से, जो इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में गृह मंत्री हुआ करते थे. उमाशंकर दीक्षित बाद में कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी बने.

एक दिन उमाशंकर दीक्षित ने इंदिरा गांधी को खाने पर बुलाया और शीला ने उन्हें भोजन के बाद गर्मागर्म जलेबियों के साथ वनीला आइस क्रीम सर्व की.
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बाद में शीला ने बताया कि इंदिराजी को ये प्रयोग बहुत पसंद आया. अगले ही दिन उन्होंने अपने रसोइए को इसकी विधि जानने के लिए उनके घर भेजा. उसके बाद कई दफे उन्होंने खाने के बाद मीठे में यही सर्व किया. लेकिन इंदिरा गांधी के देहांत के बाद उन्होंने वो सर्व करना बंद कर दिया.



मुख्यमंत्री बनने का सफर
जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने शीला दीक्षित को अपने मंत्रिमंडल में लिया पहले संसदीय कार्य मंत्री के रूप में और बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री के रूप में. 1998 में सोनिया गांधी ने उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया.

वो न सिर्फ़ चुनाव जीतीं बल्कि लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं. ये पूछे जाने पर कि 15 साल के उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही, शीला दीक्षित कहती थीं, ' पहला 'मेट्रो', दूसरा 'सीएनजी' और तीसरा दिल्ली की हरियाली, स्कूलों और अस्पतालों के लिए काम करना.

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First published: July 20, 2019, 4:51 PM IST
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