सिर्फ राजनीतिक उकसावा या कोई बात भी? दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों में राहुल गांधी के दौरे की पीछे क्या थी सोच?

सिर्फ राजनीतिक उकसावा या कोई बात भी? दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों में राहुल गांधी के दौरे की पीछे क्या थी सोच?
नई दिल्ली में संसद भवन के सेंट्रल हॉल में पार्टी सांसदों के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी (News18)

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के पीछे एक वजह है. इसे यह दिखाने के लिए किया गया कि राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) में जीरो सीट के साथ भी कांग्रेस (Congress) उस जगह पहुंची, जिससे बीजेपी और आप दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने दूर रहना चुना.

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  • Last Updated: March 5, 2020, 12:11 AM IST
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(पल्लवी घोष)
बुधवार को संसद भवन (Parliament House) के सेंट्रल हॉल (Central Hall) में एक मीटिंग के दौरान तय हुआ, जहां अन्य मुद्दों के साथ ही, कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने इस मुद्दे पर भी चर्चा की कि किस तरह मोदी सरकार दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के बारे में बहस की अनुमति नहीं दे रही है.

इसके तुरंत बाद ही, इस मुद्दे पर सीधे लोगों तक पहुंचकर अपनी बात रखने का फैसला हुआ. यह भी तय किया गया कि पार्टी नेताओं (Party Leaders) का एक छोटा सा दल हिंसा प्रभावित कुछ इलाकों (Areas) का दौरा करेगा.

इस तरह किया गया था दौरा करने वाली टीम का चयन
इस टीम को सावधानी से चुना गया था- के सुरेश और अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा (Lok Sabha) के नेताओं के तौर पर चुना गया था, केसी वेणुगोपाल को ऑर्गनाइजेशन के इंचार्ज के तौर पर चुना गया था, रणदीप सुरजेवाला को प्रवक्ता के तौर पर और कुमारी शैलजा को महिला पीड़ितों तक पहुंचने के लिए चुना गया था.



कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने ब्रजपुरा जाने का फैसला किया. यह एक सावधानी से लिया गया फैसला था. क्योंकि सूत्रों ने बताया कि वे कोई विवाद नहीं खड़ा करना चाहते थे और साथ ही एक स्कूल का दौरा करके हिंसा के राजनीतिक अर्थ को सही रास्ते पर लाना चाहते थे.

'हिंसा प्रभावित इलाके को देखने के बाद विचलित दिखे राहुल गांधी'
सूत्रों ने यह भी बताया कि वह इस दौरे के बाद विचलित देखे गए और उन्होंने अपने साथियों से कहा, 'ये देश कहां चला गया है?'

राहुल गांधी ने सांप्रदायिक हिंसा का राजनीतिकरण करने के लिए बीजेपी नेताओं (BJP Leaders) की आलोचना भी की. इस दौरे के घंटों बाद, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ग्रैंड ओल्ड पार्टी, जिसकी 5,000 दंगों की विरासत रही है, उकसाने वाला राजनीतिक टूरिज्म कर रही है.

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