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  • POLITICAL VIOLENCE IN BENGAL PETITION FILED IN CALCUTTA HIGH COURT

बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मामले में याचिका दायर, कलकत्ता हाईकोर्ट में पांच जजों की बेंच करेगी सुनवाई

कलकत्ता उच्च न्यायालय

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद हुई हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई होगी.

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    कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद हुई हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इस बाबत एक पीआईएल दाखिल की गई है. मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ इस पर सुनवाई करेगी. बता दें 2 मई को राज्य में विधानसभा चुनाव के परिणाम आए. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा हुई और उनकी हत्या कर दी गई.

    राज्य के मालदा में शुक्रवार को ही दो भाईयों का शव मिला.दोनों भाईयों का शव एक ही फंदे से लटका हुआ था. दोनों की पहचान मनोज मंडल (21) और चैतन्य मंडल (19) के तौर पर हुई है. बीजेपी का दावा है कि  दोनों उनके कार्यकर्ता थे और राजनीतिक हिंसा के चलते दोनों की हत्या कर दी गई.

    केंद्रीय टीम ने राज्यपाल से की मुलाकात
    इससे पहले शुक्रवार को ही  पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित, केंद्रीय गृह मंत्रालय के चार सदस्यीय दल ने शुक्रवार को यहां राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मुलाकात की. मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में गठित यह चार सदस्यीय दल बृहस्पतिवार को कोलकाता पहुंचा था. अधिकारियों के मुताबिक, दल के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात से पहले राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से सचिवालय में बृहस्पतिवार को मुलाकात की थी.

    दल के सदस्यों ने दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों का दौरा किया था और पीड़ित परिवारों तथा स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी. ज्ञात हो कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर राज्य में कानून व व्यवस्था की स्थिति पर राज्यपाल से रिपोर्ट मांगी है.

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव पश्चात हुई हिंसा में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 16 लोगों की जान गई है. भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित ‘गुंडो’ ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की है, उसकी महिला सदस्यों पर हमले किए, घरों में तोड़फोड़ की और दुकानों को लूट लिया. हालांकि बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि जिन क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं वहां चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.