फेसबुक की पूर्व स्टाफ का दावा- एक पार्टी के इशारे पर 2020 में दिल्ली चुनाव को प्रभावित करने की हुई थी कोशिश

फेसबुक की पूर्व स्टाफ का दावा- एक पार्टी के इशारे पर 2020 में दिल्ली चुनाव को प्रभावित करने की हुई थी कोशिश
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को 62 सीटें मिली.

फेसबुक (Facebook) में डेटा वैज्ञानिक तौर पर काम कर चुकी सोफी झांग ने ये दावा किया है. उन्होंने कंपनी में अपने आखिरी दिन लिखे गए 6600 शब्दों के मेमो में ये बातें कही. BuzzFeed News के इनपुट का हवाला देते हुए झांग ने खुलासा किया कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जनता की राय जानने और चुनाव (Election) में हेरफेर करने के लिए किया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 3:13 PM IST
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नई दिल्ली. फेसबुक (Facebook) से हाल ही निकाली गई पूर्व कर्मचारी ने इस साल की शुरुआत में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों (Delhi Assembly Elections 2020) को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं. फेसबुक की इस पूर्व स्टाफ का दावा है कि एक राजनीतिक पार्टी के लिए डेडिकेटेड नेटवर्क ने दिल्ली विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की थी. इस पूर्व स्टाफ का कहना है कि फेसबुक ऐसे फेक अकाउंट्स (Fake Social Media Accounts) की पहचान करने और उन्हें डील करने में अभी बहुत सुस्त है, जो खास तौर पर चुनावों को प्रभावित करते हैं.

बता दें कि दिल्ली चुनाव 2020 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर परचम लहराया. दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को 62 सीटें मिली हैं. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सिर्फ 8 सीटों पर सिमटकर रह गई. दूसरी तरफ कांग्रेस (Congress) का एक बार फिर सूपड़ा साफ हो गया और वह कोई भी सीट नहीं जीत सकी.

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फेसबुक में डेटा वैज्ञानिक तौर पर काम कर चुकी सोफी झांग ने ये दावा किया है. उन्होंने कंपनी में अपने आखिरी दिन लिखे गए 6600 शब्दों के मेमो में ये बातें कही. BuzzFeed News के इनपुट का हवाला देते हुए झांग ने खुलासा किया कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जनता की राय जानने और चुनाव में हेरफेर करने के लिए किया गया था.


एक जगह पर सोफी कहती हैं, 'फेसबुक के साथ बिताए तीन साल में मैंने विदेशी नागरिकों द्वारा अपनी नागरिकता को लेकर लोगों को गुमराह करने के लिए बड़े पैमाने पर हमारे मंच का दुरुपयोग करते देखा... मैंने व्यक्तिगत रूप से ऐसे निर्णय लिए हैं जो राष्ट्राध्यक्षों को प्रभावित करते हैं. विश्व स्तर पर मैंने कई प्रमुख राजनेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलवाएं, जिससे एक विशेष पार्टी को फायदा हुआ.'

हाल ही में फ़ेसबुक से हटाई गईं सोफी झांग ने दावा किया कि उन्होंने 8 फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने को लेकर काम करने वाले एक हजार से अधिक लोगों के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया.

दरअसल, 14 अगस्त को अमेरिका के अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें फेसबुक पर आरोप लगाया गया था कि वह हिंदुस्तान में अपना कामकाज बेहतर करने के लिए और बिना किसी समस्या के काम करने के लिए बीजेपी नेताओं के समर्थन में काम कर रही है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक बीजेपी नेताओं के हेट स्पीच और हिंसा के लिए उकसाने वाले बयानों को अपने प्लेटफार्म से हटा नहीं रहा है. फेसबुक ऐसा अपने हितों को साधने के लिए कर रहा है.


आर्टिकल में ये भी दावा किया गया कि फेसबुक इंडिया और एशिया की पॉलिसी डायरेक्टर आंखी दास इस काम में मदद कर रही हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल के इस आर्टिकल को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी शेयर किया. राहुल गांधी ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोप लगाया है कि वह भारत में फेसबुक और व्हाट्सएप को अपने हिसाब से चला रहे हैं और अपना एजेंडा साध रहे हैं.

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हालांकि, फेसबुक के प्रवक्ता ने रविवार यानी 16 अगस्त को कहा कि फेसबुक अपने नियमों के मुताबिक हेट स्पीच जैसे मटेरियल वाले पोस्ट को तुरंत हटाता है, वो भी बिना किसी राजनीतिक दबाव या भेदभाव के. पूरी दुनिया में फेसबुक की यही पॉलिसी है.
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