अपना शहर चुनें

States

दिल्ली ब्लास्ट: पुलिस की लचरता से जांच प्रभावित, खो चुके हैं सबूत; पुराना है गड़बड़ी का इतिहास

राजधानी दिल्ली में हुए धमाके में अब तक जांच एजेंसियों और पुलिस के हाथ कोई बड़ी सफलता नहीं लगी है. (फाइल फोटो: AP)
राजधानी दिल्ली में हुए धमाके में अब तक जांच एजेंसियों और पुलिस के हाथ कोई बड़ी सफलता नहीं लगी है. (फाइल फोटो: AP)

Delhi Blast: फोरैंसिंक साइंस लैब के सूत्रों ने बताया कि बॉम्ब को घातक तरीके से तैयार किया गया था. जांच में शामिल फॉरैंसिक एक्सपर्ट ने कहा 'फटने के दौरान कोई भी बॉम्ब के पास आता, तो उसके मरने या विकलांग होने की संभावना बढ़ जाती.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 31, 2021, 6:42 PM IST
  • Share this:
(प्रवीण स्वामी)
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में बीते शुक्रवार को इजरायली दूतावास के पास धमाका (Blast Near Israeli Embassy) हुआ. कई सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है. इसी बीच न्यूज18 के खूफिया सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने घटना स्थल से मिले कई जरूरी सबूतों को खो दिया है. इसके अलावा जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं हैं. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली पुलिस पर इस तरह के सवाल उठे हों.

घटनास्थल पर ये गड़बड़ियां ऐसे समय पर सामने आईं हैं, जब केंद्र सरकार (Central Government) मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) को सौंपने पर विचार कर रही है. सर्किट बोर्ड समेत बॉम्ब के अंश एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित पूर्व सांसद नवीन जिंदल के घर के पास यानि 100 मीटर से ज्यादा दूरी पर मिले हैं.

माना जा रहा है कि इस सर्किट बोर्ड का इस्तेमाल धमाके के समय को तय करने के लिए किया गया है. केंद्र सरकार की एजेंसियों आसपास में के लॉन में बम के टुकड़े मिले थे. इसके बाद घटनास्थल को बंद करने से पहले पुलिस ने अल सुबह बैरियर्स हटा दिए थे. इतना ही नहीं पुलिस ने यहां सफाई कर्मियों को आने की भी अनुमति दे दी थी.
फोरैंसिंक साइंस लैब के सूत्रों ने बताया कि बॉम्ब को घातक तरीके से तैयार किया गया था. जांच में शामिल फॉरैंसिक एक्सपर्ट ने कहा 'फटने के दौरान कोई भी बॉम्ब के पास आता, तो उसके मरने या विकलांग होने की संभावना बढ़ जाती. हो सकता है कि यह पूरी तरह से प्लान किया हुआ अटैक हो.' वहीं, एक अधिकारी ने आशंका जताई है कि बॉम्ब तय समय के बाद सर्किट बोर्ड या किसी और कारण से देरी से फटा हो.



दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने ध्यान से ऐसा क्षेत्र चुना जहां उन्हें कोई देख न सके. एनआईए के सूत्र बताते हैं कि वे कई तरह से जांच को आगे बढ़ाएंगे. इसमें इस तथ्य को भी शामिल किया जाएगा कि हमला ईरान की खूफिया एजेंसी या उनके सहयोगियों और आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं. एक एनआईए अधिकारी ने कहा 'किसा कारणवश ऐसा हमला करने वाले लोगों की सूची बहुत लंबी है. लेकिन आपको सबूत के आधार पर यह तय करना होगा कि आरोपी कौन है न कि संभावित कारणों के बल पर. इसमें समय लगेगा.'

यह भी पढ़ें: Israel Embassy Blast: एक साथ कई धमाकों की थी साजिश, इटली में इजरायली दूतावास के पास भी मिला था बम- सूत्र

साल 2012 में इजरायली राजनयिक की पत्नी ताल येहोशुआ कोरन पर हमला हुआ था. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी को मामले में कथित रूप से शामिल होने के चलते गिरफ्तार किया था. लेकिन पुलिस कानून के हिसाब से तय समय में चार्ज फाइल नहीं कर पाई. इस केस में किसी को सजा नहीं मिली.

इसके बाद 2001 संसद भवन पर हुए हमले के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की प्रक्रियाओं में खामी की बात कही थी. साथ ही सबूत संभालने को लेकर भी सवाल उठाए थे. बगैर प्रमुख के करीब एक साल का समय गुजर जाने के कारण पुलिस संकट का सामना कर रही है. वहीं, बीते साल दिल्ली में हुए दंगों का भी अनुमान नहीं लगा पाने के कारण पुलिस के आलोचना का सामना करना पड़ा था. इसी तरह के सवाल किसान मुद्दे पर भी उठाए गए थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज