ब्लड प्रेशर की इन जानी-मानी दवाओं से नहीं बढ़ता COVID-19 का खतरा, नई स्टडी में आया सामने

ब्लड प्रेशर की इन जानी-मानी दवाओं से नहीं बढ़ता COVID-19 का खतरा, नई स्टडी में आया सामने
इससे पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने नतीजे न आने तक लोगों को इन दवाओं का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी थी (सांकेतिक फोटो)

ACE इनहिबिटर्स और ARBs नाम की दो ब्लड प्रेशर काबू में लाने वाली दवाओं की श्रेणियां तब जांच के दायरे में आ गई थीं, जब एक रिपोर्ट में कहा था कि अस्पतालों में भर्ती किए गये 65 साल या उससे ज्यादा के 72% कोविड-19 (Covid-19) मरीजों को हाईपरटेंशन (hypertension) की शिकायत थी.

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नई दिल्ली. एक नए रिसर्च (New Research) ने उन हजारों लाख लोगों को इस बात के लिये सांत्वना भरा सबूत दिया है कि लोकप्रिय हाईपरटेंशन-रोधी दवा (Anti-hypertension drugs) उन्हें किसी भी तरह के कोविड-19 (Covid-19) के बढ़े खतरे में नहीं डालती है. जैसा कि पहले जानकारों की ओर से दावा किया गया था.

ACE इनहिबिटर्स और ARBs नाम की दो ब्लड प्रेशर (Blood pressure) काबू में लाने वाली दवाओं की श्रेणियां तब जांच के दायरे में आ गई थीं, जब अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (US Centers for Disease Control and Prevention) ने अप्रैल में एक रिपोर्ट में कहा था कि अस्पतालों (Hospitals) में भर्ती किए गये 65 साल या उससे ज्यादा के 72% कोविड-19 मरीजों को हाईपरटेंशन की शिकायत थी.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मरीजों को दवा का प्रयोग रोकने को कहा था
ACE इनहिबिटर्स और ARBs के बारे में माना जा रहा था कि ये अपनी गतिविधियों के दौरान वैसी ही जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग करती हैं, जिन्हें नया कोविड-19 वायरस फेफड़ों पर हमला करने के दौरान अपनाता है.
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसके बाद से कुछ मरीजों को तब तक के लिए इस दवा के प्रयोग को रोक देने को कहा था, जब तक इस बारे में सही जानकारी नहीं मिल जाती है, जबकि अन्य जानकारों ने मरीजों को दवा लेते रहने देने की सलाह दी थी. बाल्टीमोर स्थित जॉन हॉपकिंस सेंटर फॉर ड्रग सेफ्टी एंड इफेक्टिवनेस के एक जानकार ने इस बहस को "सबसे महत्वपूर्ण क्लीनिकल सवाल" बताया था.



नई स्टडी में पाया गया कि हाईपरटेंशन की खास दवाओं का संक्रमण पर असर नहीं
नई स्टडी जो शुक्रवार को जनता के सामने रखी गई, उसमें पाया गया है कि ACE और ARBs का प्रयोग करने वाले मरीजों में अन्य दवाओं का प्रयोग कर रहे हाईपरटेंशन के मरीजों के मुकाबले कोरोना संक्रमित होने या हॉस्पिटल की जरूरत पड़ने जैसे किसी खतरे में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होती है.

नई स्टडी के लेखकों ने कहा है कि वायरस से बचाव के लिए मरीजों को अपनी दवाओं का प्रयोग नहीं बंद करना चाहिये. बता दें कि अब तक दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) से करीब 75 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और इससे करीब 4 लाख 20 हजार लोगों की मौत हो चुकी है.

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