कोरोना वायरस: जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों का आंकड़ा हुआ 565, आठ लोगों की हुई मौत

कोरोना वायरस: जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों का आंकड़ा हुआ 565, आठ लोगों की हुई मौत
देश भर में कोरोना मरीजों की संख्या अब हर 15 दिनों में दोगुनी हो रही है.

पिछले 24 घंटों में जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) में कोरोन वायरस (Coronavirus) 19 मामले दर्ज किए गए हैं जिसके बाद केंद्र शासित प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 565 हो गई है. कुल संक्रमित मरीजों में से 507 कश्मीर घाटी के और 58 जम्मू के हैं.

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  • Last Updated: April 28, 2020, 10:57 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में मंगलवार को 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की कोविड-19 (Covid-19) से मौत होने के बाद इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या आठ हो गई. अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को 19 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कोरोना वायरस (Coronavirus) कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 565 पहुंच गया. उन्होंने बताया कि बुजुर्ग महिला श्रीनगर (Srinagar) की रहने वाली थी. उसकी यहां कोविड-19 के लिए निर्दिष्ट अस्पताल में मौत हो गई. महिला मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से भी ग्रसित थी. राज्य में मंगलवार को संक्रमण के 19 नए मामले सामने आए.

अधिकारियों ने बताया, "पिछले 24 घंटों में जम्मू और कश्मीर में 19 मामले दर्ज किए गए हैं जिसके बाद केंद्र शासित प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 565 हो गई." कुल संक्रमित मरीजों में से 507 कश्मीर घाटी के और 58 जम्मू के हैं. फिलहाल 381 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि 172 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं.

भद्रवाह में 100 बिस्तर वाला पहला कोविड-19 देखभाल केंद्र स्थापित
भद्रवाह विश्वविद्यालय परिसर (Bhadrwah University Campus) में 100 बिस्तर का कोविड-19 देखभाल केंद्र (Covid-19 Care Centre) बनाया गया है जो डोडा (Doda) जिले का पहला ऐसा केंद्र है. इस बीच जम्मू कश्मीर सरकार ने देश के अन्य हिस्सों में फंसे राज्य के छात्रों तथा प्रवासी मजदूरों को वापस लाने की योजना बनाई है.
राज्य के 6300 लोग दूसरे राज्यों में फंसे


कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के चलते डोडा जिले के 6300 से अधिक मजदूर और सैकड़ों छात्र जम्मू कश्मीर से बाहर फंसे हुए हैं और आने वाले दिनों में उन्हें उनके पैतृक स्थानों पर लाया जा सकता है. अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अनिवार्य रूप से पृथक रखने और अस्पतालों पर बोझ कम करने के मकसद से जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन एनवॉयरमेंट में 100 बिस्तर का पहला कोविड-19 देखभाल केंद्र बनाया है.

कश्मीर में प्रतिबंध कड़े
वहीं कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद प्रतिबंध और भी कड़े किए जा रहे हैं ताकि वायरस के प्रकोप पर लगाम लगाई जा सके. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि घाटी में लोगों की आवाजाही और जमावड़े पर लगा प्रतिबंध 41वें दिन में पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने ज्यादातर स्थानों के मुख्य मार्ग बंद कर दिए हैं और जगह-जगह अवरोधक लगा दिए हैं.

प्रशासन ने कहा कि प्रतिबंध से सिर्फ डॉक्टरों समेत आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों को ही छूट दी गई है. इसके अलावा सिर्फ वैध पास वालों को ही आवाजाही की अनुमति होगी.

रेड जोन को किया गया बंद
अधिकारियों ने बताया कि घाटी के अति संक्रमण वाले या ‘रेड जोन’ को बंद कर दिया गया है ताकि मानक व्यवस्था का पालन हो सके. उन्होंने बताया कि घाटी में बाजार बंद हैं और सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद हैं. सिर्फ जरूरी सामान या दवाईयों से भरे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति है.

जम्मू-कश्मीर में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 546 है. अब तक सात मरीजों की मौत हुई है और 164 स्वस्थ हुए हैं. इसके अलावा 66,000 से ज्यादा लोगों को पृथक रखा गया है.

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