Corona Case in Delhi: दिल्ली में कोरोना की रोकथाम के लिए इन गतिविधियों पर लग सकती है रोक

दिल्‍ली में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामले. (Pic- AP)

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उन बाजार क्षेत्रों में लॉकडाउन (Delhi Lockdown) लगाने का अधिकार मांगा, जो कि कोविड-19 के ‘हॉटस्पॉट’ बन सकते हैं.

  • Share this:
    नई दिल्‍ली. दिल्ली (Delhi) में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के बढ़ते मामलों से स्थिति और चिंताजनक होती जा रही है. दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 (Covid 19 Delhi) के 6396 नए मामले सामने आए और राष्ट्रीय राजधानी में अब तक संक्रमण (Coronavirus in Delhi) के कुल मामलों की संख्या 4.95 लाख पहुंच गयी है. राजधानी में कोरोना संक्रमण से अब तक 7812 लोगों की मौत हो चुकी है. इन सबके बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उन बाजार क्षेत्रों में लॉकडाउन (Delhi Lockdown) लगाने का अधिकार मांगा, जो कि कोविड-19 के ‘हॉटस्पॉट’ बन सकते हैं. आइये जानते हैं कि दिल्‍ली में अगर लॉकडाउन लगा तो कौन-कौन सी गतिविधियों पर रोक लगेगी...

    शादी समारोह में घटेगी मेहमानों की संख्‍या
    दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑनलाइन तरीके से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल को शादी समारोहों में 200 के बजाय अब केवल 50 तक की ही संख्या में लोगों को शामिल होने देने के संबंध में एक प्रस्ताव भेजा है. लॉकडाउन हटने के बाद दिल्‍ली सरकार ने शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति दे दी थी. लेकिन अब यह संख्‍या फिर से घटाकर 50 की जा सकती है.

    सार्वजनिक परिवहन और बाजार भी बंद करने का सुझाव
    कांग्रेस ने कहा कि प्रस्ताव के कोई परिणाम नहीं निकलेंगे और सरकार को लोगों की जिंदगी बचाने के लिए बाजारों, सार्वजनिक परिवहन और कार्यालयों को पूर्ण रूप से बंद करना चाहिए. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने आरोप लगाया कि विज्ञापन देने के सिवाय कुछ नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा, 'हम ये कहना चाहते हैं कि बाजार बंद होने चाहिए. चुनिंदा ढंग से बंद नहीं होने चाहिए. वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. मेट्रो अगर चले तो बिल्कुल चले, नहीं चले तो बिल्कुल नहीं चले.'

    दिल्‍ली से नोएडा जाने वाले लोगों की औचक कोरोना जांच
    राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के कारण बुधवार से दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों की औचक तरीके से कोविड-19 की जांच की जाएगी. गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि नोएडा और दिल्ली के बीच लोगों की मुक्त आवाजाही पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होगी. बॉर्डर पर लोगों की औचक कोरोना जांच कराई जाएगी.

    बाजार बंद कराने से कारोबारी नाराज
    दिल्‍ली में बाजारों को बंद कराने संबंधी भेजे गए प्रस्‍ताव का कारोबारियों ने विरोध किया है. उनका कहना है कि उन्हें 'बलि का बकरा' बनाया जा रहा है. अभी वे सब पहले वाले लॉकडाउन से हुए नुकसान से ही नहीं उबर पाए हैं. सरोजनी नगर बाजार संघ के महासचिव अशोक रंधावा ने कहा कि सरकार हमसे बलि के बकरे जैसा व्यवहार कर रही है. हमने इस त्योहारी मौसम में नुकसान की कुछ भरपाई की है और सरकार फिर से बाजार बंद करने की धमकी दे रही है.

    हॉटस्‍पॉट बनने की आशंका के चलते बंद होंगे बाजार
    सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार, केंद्र और सभी एजेंसियां राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोगुना प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दीपावली उत्सव के दौरान देखा गया कि अनेक लोगों ने मास्क नहीं पहन रखा था और वे उचित दूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे थे जिसकी वजह से कोरोना वायरस बहुत अधिक फैल गया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'हालांकि, यदि मास्क पहनने और उचित दूरी बनाकर रखने के नियम का उल्लंघन होगा तथा इन बाजारों के स्थानीय कोरोना वायरस ‘हॉटस्पॉट’ बनने की आशंका होती है तो सावधानी के तौर पर इन्हें कुछ दिन के लिए बंद किया जा सकता है.'

    28 अक्‍टूबर के बाद से बढ़े कोरोना केस
    दिल्ली में 28 अक्टूबर के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है जब पांच हजार से अधिक नए मामले सामने आए थे. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जून में दिल्ली में बहुत कम जांच हो रही थी और हर दिन करीब 5,776 जांच हो रही थीं. सितंबर में जांच की संख्या बढ़कर 50,000 से ज्यादा हो गयी. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ संक्रमित लोगों की जांच नहीं हो पायी हो जिसके कारण हाल में मामले बढ़े हैं.

    हॉटस्‍पॉट में तैनात होंगी टीमें
    राष्ट्रीय राजधानी में निषिद्ध क्षेत्रों और जोखिम वाले इलाके में संक्रमण के मामलों का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का फैसला किया गया है और इसके लिए 7,000 से 8000 टीमें तैनात की जाएंगी. इस बारे में नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने बताया कि कोविड राष्ट्रीय कार्यबल ने कहा है कि आईसीयू बेड की क्षमता अगले कुछ दिनों में 3,523 से बढ़ाकर 6,000 कर दी जाएगी. इस बीच, प्राधिकारों ने अस्पतालों में आईसीयू बेड बढ़ाने, जांच की क्षमता बढ़ाकर एक से 1.2 लाख करने और ज्यादा जोखिम वाले स्थानों पर 7,000-8000 निगरानी टीमों की तैनाती समेत अन्य रणनीति तैयार की है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.