सनातन संस्था से ध्यान हटाने के लिए हुआ वामपंथी विचारकों पर एक्शन: प्रकाश आंबेडकर

दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने कहा, “इन छापों से सरकार जनता को चुप करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मुझे संदेह है कि गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) चुप रहेंगे. वे सरकार का विरोध करने में अधिक सक्रिय होंगे. क्योंकि, उनके पास कोई हिस्सेदारी नहीं है."

News18Hindi
Updated: August 29, 2018, 9:22 PM IST
सनातन संस्था से ध्यान हटाने के लिए हुआ वामपंथी विचारकों पर एक्शन: प्रकाश आंबेडकर
प्रकाश आम्बेडकर (File Photo)
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Updated: August 29, 2018, 9:22 PM IST
दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने बुधवार को दावा किया कि नक्सलियों से संबंध के आरोप में वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी का उद्देश्य दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था की जांच से ध्यान हटाना है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनवरी में पुणे के पास भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के संबंध में पुलिस के बयानों में विरोधाभास है.

आंबेडकर ने कहा, 'बीजेपी की अगुआई वाली सरकार सनातन संस्था पर चल रही जांच से ध्यान हटाना चाहती है, इसलिए इस तरह के छापे मारे जा रहे हैं.' उन्होंने कहा, ' भीमा-कोरेगांव की जांच कर रही पुणे की ग्रामीण पुलिस ने संभाजी भिंडे और मिलिंद एकबोटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, दोनों आक्रमक वामपंथी विचारों के लिए जाने जाते हैं. दोनों ने कथित रूप से हिंसा को उकसाया.”

आंबेडकर ने आगे कहा, "लेकिन विश्रमबागवाड़ा पुलिस स्टेशन (पुणे शहर में) के अधिकारी पुणे में यल्गार परिषद के साथ 'शहरी माओवादी' कनेक्शन का संकेत दे रहे हैं, जिसमें कई वामपंथी विचारधारा के अनुयायियों ने हिस्सा लिया था. अब जांच एजेंसी संकेत दे रही हैं कि यल्गार परिषद ने हिंसा को भड़काया था."

इससे पहले एक न्यूज चैनल से बात करते हुए उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्से से 5 वामपंथी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लोगों को चुप्प कराने का प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि जो सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे वे एनजीओ और गैर-सरकारी संगठन थे, लेकिन उनकी जड़ें जनता में थी.

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प्रकाश आंबेडकर ने कहा, “इन छापों से सरकार जनता को चुप करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मुझे संदेह है कि गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) चुप रहेंगे. वे सरकार का विरोध करने में अधिक सक्रिय होंगे. क्योंकि, उनके पास कोई हिस्सेदारी नहीं है." उन्होंने आगे कहा, “वे चुनाव नहीं लड़ते हैं. उनका एकमात्र हित देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा को देखना है. यही उनका मकसद है. वे पहले की तुलना में अधिक आक्रामक होंगे."

उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र पुलिस ने गौरी लंकेश की हत्या के मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें एक दक्षिणपंथी संगठन का सदस्य भी था. कर्नाटक पुलिस ने पुणे से महेश काले को गिरफ्तार किया तो राज्य पुलिस ऐसा करने (वामपंथी विचारकों को गिरफ्तार) के लिए मजबूर हो गई.
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10 अगस्त को हुए ब्लास्ट की साजिश के मामले में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक वैभव राउत ने सनातन संस्था के सदस्य होने का दावा किया था, लेकिन संगठन ने उनके सदस्य होने से इनकार कर दिया है.

बता दें कि मंगलवार को पुणे पुलिस ने कई राज्यों में वामपंथी कार्यकर्ताओं के घर पर छापा मारकर वरवर राव, गौतम नवलखा, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और वरनोन गोंजालवेस को गिरफ्तार कर लिया. पांचो की गिरफ्तारी पिछले साल भीमा कोरेगांव में भड़की हिंसा की जांच का हिस्सा है.
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