केरल चुनाव 2021: भाजपा का घोषणापत्र जारी, सबरीमला और लव जिहाद पर कानून बनाने की बात

केरल विधानसभा चुनाव 2021 के लिए एनडीए का घोषणापत्र. (ANI/24 March 2021)

केरल विधानसभा चुनाव 2021 के लिए एनडीए का घोषणापत्र. (ANI/24 March 2021)

Kerala Assembly Elections 2021: केरल की सभी विधानसभा सीटों पर 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतों की गिनती 2 मई को होगी.

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  • Last Updated: March 24, 2021, 6:05 PM IST
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तिरुवनंतपुरम. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केरल विधानसभा चुनाव 2021 (Kerala Assembly Elections 2021) के लिए बुधवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) की मौजूदगी में पार्टी ने तिरुवनंतपुरम में इलेक्शन मैनिफेस्टो को लॉन्च किया. घोषणापत्र में सबरीमला मंदिर और लव जिहाद पर कानून बनाने की बात कही गई है.



जावड़ेकर ने कहा, "नौकरी के लिए प्रावधान, आतंकवाद और भूख से मुक्त राज्य के साथ ही हमारे घोषणापत्र मुख्य जोर केरल के विकास पर है. घोषणापत्र में 'सबरीमला' और 'लव जिहाद' पर कानून बनाने का भी प्रावधान है." इसके साथ ही उन्होंने राज्य में कांग्रेस (Congress) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के बीच चल रही खींचतान को एक ड्रामा बताया. जावड़ेकर ने कहा "बंगाल में दोस्ती और केरल में कुश्ती" वास्तव में जनता के साथ छल है.



भाजपा ने साधा केरल की LDF सरकार पर निशाना

दूसरी ओर, भाजपा ने बुधवार को केरल की सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर पिछले विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को पूरा ना करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है. भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि केरल की जनता एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से आजीज आ चुकी है और इस बार बदलाव चाहती है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने केरल के सर्वांगीण विकास के लिए पूरा खाका तैयार किया है.


केरल सरकार पर जनता से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप

नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने एलडीएफ की ओर से पिछले चुनाव में किए गए वादों की सूची गिनाते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश पूरे नहीं किए गए. उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में अधोसंरचना की कमी है. पिछले विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने आईटी पार्क के विस्तार का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ. यही हाल कोच्चि मेट्रो का है. केंद्र को तीन साल तक इसकी मंजूरी नहीं मिली.’’



रोजगार के मुद्दे पर भाजपा ने केरल सरकार को घेरा



केरल की अर्थव्यवस्था में मंदी पर चिंता जताते हुए अग्रवाल ने कहा कि राज्य खाड़ी व अन्य देशों से भेजे जाने धन पर अत्यधिक निर्भर है और राज्य में रोजगार के बहुत कम अवसर है. उन्होंने कहा, ‘‘केरल में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है. ना ही एलडीए और ना ही यूडीएफ ने रोजगार के अवसर पेदा करने के लिए कुछ किया.’’ गौरतलब है कि केरल की सभी विधानसभा सीटों पर 6 अप्रैल को वोट डाले

जाएंगे, जबकि मतों की गिनती 2 मई को होगी.



(इनपुट भाषा से भी)


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