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RSS के कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला प्रणब लें वापस- वी हनुमंथ राव

फाइल फोटो

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हनुमंथ राव ने कहा , ‘‘ आरएसएस की विचारधारा हिन्दुत्व है. वे धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं. वे हिन्दू देश चाहते हैं. मुखर्जी क ...अधिक पढ़ें

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी हनुमंथ राव ने बुधवार को कहा कि ‘‘धर्मनिरपेक्षता के हित में ’’ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने के अपने फैसले को वापस ले लेना चाहिए. एआईसीसी सचिव और पूर्व राज्यसभा सदस्य राव ने कहा कि मुखर्जी को आरएसएस की बैठक में शामिल नहीं होना चाहिए क्योंकि वह एक ‘‘सांप्रदायिक’’ संगठन है. राव ने कहा , ‘‘मैं उनसे अनुरोध कर रहा हूं कि वह अपना फैसला वापस ले लें.’’ उन्होंने कहा कि मुखर्जी वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे हैं और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी , संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उनका सम्मान करते हैं.

    राव ने कहा , ‘‘उनकी (आरएसएस) विचारधारा हिन्दुत्व है. वे धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं. वे हिन्दू देश चाहते हैं. वह (मुखर्जी) कैसे जा सकते हैं ? इस देश में हिंदू , मुस्लिम , सिख , ईसाई , हर कोई हैं ... इसलिए मेरा अनुरोध है कि उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें नहीं जाना चाहिए.’’ राव ने कहा कि वह इस संबंध में मुखर्जी को पत्र लिखेंगे.

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    वहीं पश्विम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करने के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के फैसले पर हैरानी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वह इस निर्णय को भगवा संगठन के खिलाफ मुखर्जी की पिछली टिप्पणियों से नहीं जोड़ पा रहे हैं.

    चौधरी ने कहा , ‘‘मेरा सवाल है कि क्या उन्हें (मुखर्जी को) लगता है कि आरएसएस के खिलाफ उनके पूर्व के बयान गलत थे ... हमें आज भी याद है कि वरिष्ठ नेता के रूप में प्रणब मुखर्जी ने किस तरह से आरएसएस की आलोचना करते हुए उसे सांप्रदायिक और विभाजनकारी संगठन बताया था.’’

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    मुखर्जी को सात जून को नागपुर में संगठन के मुख्यालय में आयोजित होने वाले आरएसएस कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर (संघ शिक्षा वर्ग) के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है. आएसएस के एक पदाधिकारी के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति ने संघ के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.

    चौधरी ने कहा , ‘‘नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने के प्रणब मुखर्जी के फैसले को सुनकर मैं हैरान हूं. अन्य कांग्रेस नेताओं की तरह मुझे भी यह जानकार ताज्जुब हुआ.’’ उन्होंने कहा कि हालांकि मुखर्जी ना तो अब राष्ट्रपति हैं और ना ही कांग्रेस नेता. ऐसे में वह किसी तरह का निर्णय करने के लिए स्वतंत्र हैं.

    Tags: Congress, India, Pranab mukherjee, RSS

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