अगले जन्‍म में राष्‍ट्रपति भवन में घोड़ा बनना चाहते थे प्रणब मुखर्जी, फिर सच साबित हुई बहन की भविष्‍यवाणी

अगले जन्‍म में राष्‍ट्रपति भवन में घोड़ा बनना चाहते थे प्रणब मुखर्जी, फिर सच साबित हुई बहन की भविष्‍यवाणी
प्रणब मुखर्जी का सोमवार को हुआ है निधन.

जब प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) राजनीति में आए थे तभी उनकी बहन अन्‍नपूर्णा ने भविष्‍यवाणी कर दी थी कि वह एक दिन भारत के राष्‍ट्रपति जरूर बनेंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 12:27 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया. आज उनका अंतिम संस्‍कार होना है. राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम नरेंद्र मोदी समेत पूरा देश उन्‍हें श्रद्धांजलि दे रहा है. प्रणब मुखर्जी लंबे समय से दिल्‍ली के सैन्‍य अस्‍पताल में भर्ती थे. जब वह राजनीति में आए थे तभी उनकी बहन अन्‍नपूर्णा ने भविष्‍यवाणी कर दी थी कि वह एक दिन भारत के राष्‍ट्रपति जरूर बनेंगे. और आगे चलकर उनकी यह भविष्‍यवाणी सच साबित हुई थी. प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति थे.

पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक चैनल को दिए इंटरव्‍यू में अपनी बहन की भविष्‍यवाणी के बारे में जानकारी दी थी. उन्‍होंने बताया था कि जब वह युवा सांसद थे तो एक बार राष्‍ट्रपति भवन को देखते हुए उन्‍होंने अपनी बहन अन्‍नपूर्णा से कहा था कि वह अगले जन्‍म में कुलीन प्रजाति के घोड़े के रूप में जन्‍म लेना चाहते हैं. इससे वह राष्‍ट्रपति भवन तक पहुंच सकेंगे. उन्‍होंने बताया कि इस पर उनकी बहन ने कहा था, 'तुम राष्‍ट्रपति का घोड़ा क्‍यों बनोगे, तुम इसी जीवन में राष्‍ट्रपति बनोगे.' इसके बाद वह देश के 13वें राष्‍ट्रपति भी बने.

प्रणब मुखर्जी ने जानकारी देते हुए बताया था कि उनकी 10 साल बड़ी बहन अन्‍नपूर्णा ने उनके आवास पर चाय की चुस्कियों के बीच यह भविष्‍यवाणी की थी. बता दें कि प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को दिल्‍ली के सैन्‍य अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सोमवार सुबह जारी एक हेल्‍थ बुलेटिन में कहा गया था कि वह गहरे कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. इसके बाद उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने उनके निधन की जानकारी दी थी.



पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी को दिल्ली छावनी स्थित अस्पताल में गत 10 अगस्त को भर्ती कराया गया था और उसी दिन उनके मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए उनकी सर्जरी की गई थी. मुखर्जी को बाद में फेफड़े में संक्रमण हो गया था. अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज