प्रणब मुखर्जी ने नटवर सिंह से क्यों कहा था- राष्ट्रपति बनना मेरी भूल थी!

प्रणब मुखर्जी ने नटवर सिंह से क्यों कहा था- राष्ट्रपति बनना मेरी भूल थी!
प्रणब मुखर्जी

Pranab Mukherjee Passes Away: प्रणब मुखर्जी 10 अगस्त को ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराए गए थे. सोमवार शाम को उनका निधन हो गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 2:03 PM IST
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नई दिल्ली. भारत रत्न प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का निधन हो गया. भले ही उनका राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू हुआ उनकी राजनीतिक कुशलता का लोहा सभी विपक्षी पार्टी मानते थे. आज भारत की राजनीति ने अपने रत्न को खो दिया, पूरा देश आज गमगीन है और नम आँखों से प्रणब मुखर्जी को याद कर रहे हैं.

'मेरी सबसे बड़ी गलती रही कि मैं राष्ट्रपति बना'

UPA 1 सरकार में प्रणब मुखर्जी के साथ सरकार में मंत्री रहे पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने न्यूज़18 से खास बातचीत में बताया कि, प्रणब जैसा राजनीतिक करियर वाला व्यक्ति इन देश में कम है. उन्होंने अपने 50 साल के राजनीतिक करियर में हर तरह का समय देखा लेकिन हर परिस्थिति का डट कर मुकाबला प्रणब मुखर्जी ने किया. नटवर सिंह आगे बातचीत में कहते हैं कि '6 महीने पहले प्रणब से मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने अपने दिल की कई बातें मुझसे साझा की. राजनीति में मैं प्रणब जी का जूनियर था लेकिन सरकार में या पार्टी में कभी उन्होंने मुझे कमतर का अहसास कभी नही दिखाया. प्रणब मुखर्जी ने मुझसे हुई बातचीत में अपने राजनीतिक जीवन की दो बड़ी गलतियों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि मेरी सबसे बड़ी गलती रही कि मैं राष्ट्रपति बना. मुझे लोगों से मिलना उनके साथ बात करना बहुत पसंद था लेकिन आज चार दिवारी में कैद हूं. वही पूर्व PM इंदिरा गांधी के निधन के बाद पार्टी छोड़ अपनी अलग पार्टी बनाना भी वो अपनी भूल बता रहे थे.'



'देश के राष्ट्रपति होने के नाते वो किसी पार्टी से नहीं जुड़े थे'
पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा कि 'मौका था कि वो देश के प्रधानमंत्री बन सकते थे लेकिन उस वक्त कई कारण थे. बहुत से राजनीतिक पेंच थे और वो प्रधानमंत्री नही बन सके लेकिन अगर को PM बनते तो वो एक बेहतरीन प्रधानमंत्री साबित होते. वहीं साल 2018 में आरएसएस हेडक्वार्टर में जाने पर कांग्रेस ने परोक्ष रूप से प्रणब मुखर्जी की आलोचना भी की थी लेकिन इसके बावजूद वो गए.' इस मसले पर नटवर सिंह ने कहा कि 'देश के राष्ट्रपति होने के नाते वो किसी पार्टी से नहीं जुड़े थे ऐसे में अगर वो उन्हें संस्था के बुलावे पर जाते हैं तो उसमें कांग्रेस को आपत्ति नही करनी चाहिए थी. प्रणब मुखर्जी के इतनी राजनीतिक सूझबूझ किसी और में नही हो सकती. वहां जाकर जो भाषण उन्होंने दिया वो सबको याद रखना चाहिए.'
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