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प्रशांत किशोर ने गिनाई भाजपा की ताकत, कहा- अन्य दलों के पास नहीं है इसकी काट

प्रशांत किशोर ने गिनाई भाजपा की ताकत, कहा- अन्य दलों के पास नहीं है इसकी काट

प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई भी पार्टी या नेता, जो भाजपा को हराना चाहता है, उसे 5-10 सालों का नजरिया रखना होगा. (फाइल फोटो: ANI)

प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई भी पार्टी या नेता, जो भाजपा को हराना चाहता है, उसे 5-10 सालों का नजरिया रखना होगा. (फाइल फोटो: ANI)

Prashant Kishor on BJP in Elections: चुनावी रणनीतिकार ने कहा, 'क्या भाजपा को 2024 में हराना आसान है? इसका जवाब हां है. लेकिन क्या मौजूदा लोगों और फॉर्मेशन के साथ यह मुमकिन है? तो शायद नहीं.' उन्होंने आगे कहा, 'बिहार 2015 के बाद कोई भी महा गठबंधन सफल नहीं हुआ है. पार्टियों और नेताओं का केवल साथ आना ही पर्याप्त नहीं होगा. आपको अपनी बात औऱ मजबूत संगठन की जरूरत है.'

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नई दिल्ली. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) का कहना है कि साल 2024 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार मुमकिन है. हालांकि, उन्होंने भाजपा को हराने के लिए पार्टियों और नेताओं के ‘केवल’ साथ आने को नाकाफी बताया है. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में किशोर ने कांग्रेस के साथ उनके संबंध, 2024 चुनाव में भाजपा को परास्त करने की रणनीति और सियासत के मौजूदा हाल पर चर्चा की.

एनडीटीवी से बातचीत में किशोर ने कहा, ‘हिंदुत्व का चलना ही भाजपा की लोकप्रियता नहीं है. यह सबसे जरूरी चीजों में से एक है. दो चीजें जिन पर हमें ध्यान देने की जरूरत है, उनमें पहला हाइपर नेशनलिज्म (अति-राष्ट्रवाद) है. यह हिंदुत्व जितना ही जरूरी है. और इसके बाद आपके पास कल्याणवाद है.’ उन्होंने कहा, ‘घरेलू और व्यक्तिगत स्तर पर कल्याणवाद, राष्ट्रवाद औऱ हिंदुवाद, इन तीनों को एक साथ रखें, ये बड़ी कहानी है. जब तक आपके पास अपनी बात के जरिए इनमें से दो से आगे निकलने की क्षमता नहीं है, तो आपके पास भाजपा को हराने का बहुत कम मौका है.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. इसका बड़ा कारण यह है कि राष्ट्रवाद काम नहीं करता और आपके पास इसका मुकाबला करने के लिए एक चीज के रूप में उप-क्षेत्रवाद है. जब बात राष्ट्रीय चुनावों की आती है, तो यह राष्ट्रवाद उन सभी सीमाओं को दूर करने की अनुमति देता है.’ किशोर ने कहा कि वे ऐसे विपक्षी मोर्चे को तैयार करना चाहते हैं, जो 2024 में भाजपा को हरा सके. उन्होंने बताया कि यह तब भी मुमकिन है, जब अगले महीने होने वाले राज्य के चुनावों के नतीजे पक्ष में न हों.

यह भी पढ़ें: Prashant Kishor and Congress: ‘साथ आने के लिए भरोसा जरूरी…’ कांग्रेस के साथ संबंधों पर प्रशांत किशोर ने किए कई खुलासे

चुनावी रणनीतिकार ने कहा, ‘क्या भाजपा को 2024 में हराना आसान है? इसका जवाब हां है. लेकिन क्या मौजूदा लोगों और फॉर्मेशन के साथ यह मुमकिन है? तो शायद नहीं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बिहार 2015 के बाद कोई भी महा गठबंधन सफल नहीं हुआ है. पार्टियों और नेताओं का केवल साथा आना ही पर्याप्त नहीं होगा. आपको अपनी बात औऱ मजबूत संगठन की जरूरत है.’

उन्होंने कहा, ‘कोई भी पार्टी या नेता, जो भाजपा को हराना चाहता है, उसे 5-10 सालों का नजरिया रखना होगा. यह पांच महीनों में नहीं किया जा सकता है, लेकिन ऐसा होगा. यह लोकतंत्र की ताकत है.’

Tags: BJP, Prashant Kishor

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