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प्रशांत किशोर और TMC पर बरसे दिनेश त्रिवेदी, कहा- मेरे ट्विटर अकाउंट से अपशब्द कहते थे

राज्यसभा में ही तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे का ऐलान करने के बाद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पार्टी में मेरा दम घुट रहा था.
राज्यसभा में ही तृणमूल कांग्रेस से अपने इस्तीफे का ऐलान करने के बाद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पार्टी में मेरा दम घुट रहा था.

Dinesh Trivedi on his resignation: तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी से राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने बीते हफ्ते इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वa बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. बुधवार को उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 17, 2021, 4:10 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता और सांसद दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi) ने बीते हफ्ते इस्तीफा दे दिया है. पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने बुधवार को अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने टीएमसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी हमारे ट्विटर हैंडल (Twitter Handle) में भी दखलंदाजी करती थी. इस्तीफे के बाद उन्होंने भविष्य की प्लानिंग नहीं बताई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तारीफ की है.

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में त्रिवेदी ने कहा, 'पार्टी हमारे ट्विटर अकाउंट की जानकारी ले लेती थी. मैं मना कर सकता था.' उन्होंने बताया, 'मुझे नहीं पता मेरे अकाउंट का इस्तेमाल कौन करता था. मेरे ट्विटर अकाउंट से पीएम को गाली दी गई, राज्यपाल को गाली दी गई. मैंने पूछा भी कि आपने ऐसा क्यों किया.' उन्होंने बताया कि कई बार मुझे ट्वीट डिलीट भी करने पड़ते थे.

'केंद्र से हर समय उलझना चाहती है पार्टी'
टीएमसी को अलविदा कहने वाली त्रिवेदी ने पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि वो हमेशा केंद्र से कोई न कोई टकराव लेने की कोशिश करते थे, लेकिन मुझे इस पर यकीन नहीं था. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अहम के चलते बंगाल का विकास प्रभावित होता था. इसके अलावा उन्होंने राज्य में जमकर हिंसा और भ्रष्टाचार की बात कही है.
प्रशांत किशोर पर वार


प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी I-Pac पर पूछे गए सवाल पर त्रिवेदी ने कहा, 'मैं उन्हें राजनीतिक पार्टियों का सलाहकार मानता हूं. क्या राजनीतिक पार्टियां लोगों की पहुंच से इतनी दूर चली गईं हैं कि उन्हें सलाहकार की जरूरत पड़ेगी?' उन्होंने कहा, 'पार्टी के लिए हमने खून-पसीना बहाया है, अब सत्ता में आने के बाद किसी को करोड़ों रुपये दिए गए हैं और उनके कर्मचारी आपके बताएंगे कि क्या करना है, रैली कैसे संबोधित करना है.' उन्होंने कहा कि मुझे लगा यह शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़े दुश्मन चापलूस हैं.

यह भी पढ़ें: ऐसे ढह रहा है ममता बनर्जी का किला, अब तक इन दिग्गजों ने TMC को कहा अलविदा

अभिषेक बनर्जी पर गलत भाषा बोलने के आरोप
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि भारत में समय आ गया है जब हमें इस पुश्तैनी कारोबार से बाहर निकलना होगा. इस दौरान उन्होंने बीजेपी-वाम दलों की जमकर तारीफ की है. त्रिवेदी ने कहा, 'आपको वाम दल और बीजेपी की श्रेय देना होगा, उनके यहां भाई-भतीजावाद नहीं है.' उन्होंने अभिषेक पर असभ्य भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री गुजरात से आते हैं, केवल इसलिए हर रोज गुजरातियों को गाली नहीं दे सकते.'



इससे पहले भी टीएमसी के कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं. इन बड़े नेताओं में पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी, सांसद सौमित्र खान, अर्जुन सिंह समेत कई नेताओं का नाम शामिल है. चुनाव से कुछ ही महीनों पहले पार्टी के नेताओं का बागी होना सीएम बनर्जी को भारी पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
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