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सरकार ने अपने दो प्रमुख संस्थानों के नाम सुषमा स्वराज के नाम पर किए

News18Hindi
Updated: February 13, 2020, 7:12 PM IST
सरकार ने अपने दो प्रमुख संस्थानों के नाम सुषमा स्वराज के नाम पर किए
14 फरवरी को सुषमा स्वराज का जन्मदिन है.

फॉरिन सर्विस इंस्टिट्यूट और प्रवासी भारतीय केंद्र (Pravasi Bhartiya Kendra) के नाम बदल दिए गए हैं. अब ये दोनों संस्थान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के नाम से जाने जाएंगे.

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  • Last Updated: February 13, 2020, 7:12 PM IST
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नई दिल्ली. फॉरिन सर्विस इंस्टिट्यूट और प्रवासी भारतीय केंद्र (Pravasi Bhartiya Kendra) के नाम बदल दिए गए हैं. अब ये दोनों संस्थान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के नाम से जाने जाएंगे. फॉरिन सर्विस इंस्टिट्यूट का नाम अब सुषमा स्वराज इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरिन सर्विस (Sushma Swaraj Institute of Foreign Service) के नाम से जाना जाएगा. वहीं विदेश मंत्रालय ने प्रवासी भारतीय केंद्र को अब सुषमा स्वराज भवन (Sushma Swaraj Bhawan) के नाम से जाना जाएगा. ये दोनों संस्थान राष्ट्रीय राजधानी में स्थित हैं.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा कि हम सुषमा स्वराज को याद कर रहे हैं जिनका कल 68वां जन्मदिन है. विदेश मंत्रालय परिवार को खास तौर पर उनकी कमी खलेगी. उन्होंने कहा, ‘यह घोषणा करके हर्ष हो रहा है कि सरकार ने प्रवासी भारतीय केंद्र का नाम सुषमा स्वराज भवन और विदेश सेवा संस्थान का नाम सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट आफ फारेन सर्विस करने का निर्णय किया है.’ मंत्रालय के बयान के अनुसार, इन दोनों संस्थानों का नया नामकरण भारतीय कूटनीति में सुषमा स्वराज के ‘अमूल्य योगदान’ को सम्मान है.

विदेश मंत्रालय ने सुषमा स्वराज  (Sushma Swaraj) को उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर याद किया. पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के भारतीय कूटनीति में अमूल्य योगदान के लिए श्रद्धांजलि दी गई. भारतीय प्रवासी और सार्वजनिक सेवा में उनके योगदान को देखते हुए ये निर्णय लिया गया कि प्रवासी भारतीय केंद्र को अब सुषमा स्वराज भवन के नाम से जाना जाएगा. वहीं फॉरिन सर्विस इंस्टीट्यूट का नाम अब सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरिन सर्विस होगा.

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में 5 साल विदेश मंत्री रहीं

सुषमा स्वराज मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में पांच साल विदेश मंत्री रहीं. 2019 चुनाव से पहले उन्होंने खराब सेहत का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से मना कर दिया था. वह 1998 में दिल्ली में दो महीने के लिए सीएम भी बनी थीं. पिछले साल 6 अगस्त 2019 को उनका निधन हो गया था.

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First published: February 13, 2020, 6:50 PM IST
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