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    खुद का दर्द भूल कोरोना मरीजों की देखभाल कर रहीं ये गर्भवती कर्मवीर

    कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए अपनी परवाह नहीं कर रहे कर्मवरी योद्धा.
    कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए अपनी परवाह नहीं कर रहे कर्मवरी योद्धा.

    कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए विनोथिनी तिरुचिरा से रामनाथपुरम की 250 किलोमीटर की दूरी तय करके अस्पताल पहुंचती हैं.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के  प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए 21 दिन के लॉकडाउन (Lockdown) के चलते जहां लोग अपने परिवार के साथ घरों में बैठे हैं, वहीं कुछ लोग पूरी ताकत के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. इन नायकों में दो ऐसी महिलाएं भी हैं, जो अपना दर्द भुलाकर केवल इसलिए ड्यूटी पर तैनात हैं ताकी देश को कोरोना जैसे गंभीर संक्रमण से बचाया जा सके.

    तमिलनाडु की नर्स विनोथिनी जो खुद आठ महीने की गर्भवती हैं, कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल के लिए लगातार काम कर रही हैं. कोरोना से संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए विनोथिनी तिरुचिरा से रामनाथपुरम की 250 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल पहुंचती हैं. 25 साल की नर्स विनोथिनी त्रिची के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में नर्स हैं, लेकिन हालात को देखते हुए प्रशासन की ओर से उनकी ड्यूटी कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लगाई गई है. उन्होंने बताया कि जब उनकी ड्यूटी लगाई गई तक अधिकारियों को नहीं पता था कि वह गर्भवती हैं. जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने मेरा नाम उस लिस्ट से हटा दिया. लेकिन संकट की इस घड़ी में मैं कोरोना से पीड़ित मरीजों की मदद करना चाहती थी. मैंने अधिकारियों से बात की, लेकिन वे नहीं मानें. बाद में स्थानीय मंत्री के दखल से मुझे लॉकडाउन में निकलने के लिए विशेष पास दिया गया. अब मैं अपने पति के साथ कार से प्राइमरी हेल्थ सेंटर आती हूं और मरीजों की देखभाल करती हूं.

    ऐसी ही मिसाल पेश कर रही हैं सूरत की सफाईकर्मी नैना परमार. नैना मरमार 9 माह की गर्भवती हैं पर हर रोज ड्यूटी पर आती हैं. उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि मेरी डिलीवरी का समय नजदीक है. मैं चाहती हूं जब तक काम कर लोगों की मदद कर सकते हैं करें. नैना हर दिन 5 से 6 घंटे ड्यूटी पर रहते हुए लोगों को लॉकडाउन का पालन करने की अपील करती हैं. लॉकडाउन के समय जो लोग घरों से निकलते हैं उन्हें वह समझाती हैं कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए घरों में रहना कितना जरूरी है. नैना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने यह काम चुना था. नैना ने कहा कि सफाई से अगर बीमारियों को दूर किया जा सकता है तो मैं अपने काम से बेहद खुश हूं.



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