इस सांसद ने 16वीं लोकसभा सत्र में पेश किए दो हज़ार से ज़्यादा संशोधन प्रस्ताव

प्रेमचंद्रन इस बात का मलाल भी है कि संशोधन प्रस्ताव को सत्ता पक्ष विरोध की तरह देखता है जो कि नहीं होना चाहिए.

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: February 14, 2019, 12:37 PM IST
इस सांसद ने 16वीं लोकसभा सत्र में पेश किए दो हज़ार से ज़्यादा संशोधन प्रस्ताव
प्रतीकात्मक तस्वीर
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: February 14, 2019, 12:37 PM IST
16वीं लोकसभा में कुल 331 बैठकें हुईं, जिसमें सरकार 219 बिल लोकसभा में लाई और उसमें से 203 बिल पास हुए. वैसे तो विपक्षी पार्टियां या फिर सत्ताधारी पार्टी के सांसद भी समय-समय पर ज़रूरत के मुताबिक बिल को लेकर उसमें संशोधन प्रस्ताव पेश करती हैं. लेकिन एक ऐसे सांसद भी हैं जिन्होंने पिछले 5 सालों में लोकसभा में दो हजार से ज्यादा संशोधन प्रस्ताव पेश किए. यह सांसद हैं एन के प्रेमचंद्रन, जो कि केरल के कोल्लम जिले से रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव जीत कर आए हैं.

प्रेमचंद्रन तीसरी बार सांसद बने हैं. इनका दावा है कि इससे पहले शायद ही किसी सांसद ने अपने कार्यकाल में इतने ज्यादा संशोधन प्रस्ताव पेश किए हों. लोकसभा में प्रेमचंद्रन अपनी पार्टी के इकलौते सांसद हैं. दो हजार से ज्यादा संशोधन प्रस्ताव जो उन्होंने पेश किए थे उसमें से सरकार ने सिर्फ 3 संशोधनों को माना.

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News18 इंडिया से बातचीत के दौरान प्रेमचंद्रन ने कहा कि संशोधन पेश करने से सिस्टम और ज्यादा मज़बूत बनता है. जो कानून सरकार बनाने जा रही है वह उस पर दोबारा सोचती है और अपनी गलतियों पर गौर करती है. प्रेमचंद्रन संशोधन प्रस्ताव पेश करने से पहले विषय का गहराई से अध्ययन करते हैं और फिर लोकसभा में अपनी बातें रखते हैं. उनका कहना है कि लोकसभा में संशोधन प्रस्ताव के दौरान और भी सांसदों का उनको समर्थन मिलता रहा है.

हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल भी है कि संशोधन प्रस्ताव को सत्ता पक्ष विरोध की तरह देखता है जो कि नहीं होना चाहिए. सरकार को यह गौर करना चाहिए कि आखिरकार किस वजह से बिल को लेकर एक सांसद संशोधन प्रस्ताव ला रहा है. प्रेमचंद्रन ने मौजूदा लोकसभा सत्र की लाइब्रेरी सिस्टम की तारीफ की जिसकी मदद से वह विषयों पर बेहतरीन ढंग से रिसर्च कर सके.

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इसके अलावा उन्होंने स्पीकर रिसर्च सिस्टम की भी तारीफ की. प्रेमचंद्रन का जिक्र स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अपने अंतिम भाषण में भी किया. लोकसभा स्पीकर का कहना था कि जिस तरीके से प्रेमचंद्रन ने सदन में लगातार अपनी बातें रखते रहे हैं उससे सदन को नई जानकारी मिलती रही है और सांसदों का मनोबल बढ़ता रहता है. अपने अगले लक्ष्य के बारे में प्रेमचंद्रन कहते हैं कि वह अगर चौथी बार भी चुने गए तो और बेहतर ढंग से अपने विषय को रिसर्च करके आएंगे और उम्मीद करते हैं कि नई सरकार उनकी बातों को और ज्यादा गौर से सुनेगी.
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