पढ़ें राष्ट्रपति के अभिभाषण की 12 बड़ी बातें, ऐसा होगा पीएम मोदी का नया भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नये भारत की संकल्पना पर आधारित अभिभाषण को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद की संयुक्त सत्र को अवगत करा दिया है. आप भी जानिए, पीएम मोदी ने भारत के लिए क्या सोचा है.

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Updated: June 20, 2019, 2:05 PM IST
पढ़ें राष्ट्रपति के अभिभाषण की 12 बड़ी बातें, ऐसा होगा पीएम मोदी का नया भारत
पीएम मोदी के नये भारत की परिकल्पना से दोनों सदनों को राष्ट्रपति ने अवगत कराया.
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Updated: June 20, 2019, 2:05 PM IST
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में मोदी सरकार 2.0 के एजेंडे को देश के सामने रखा और सरकार किस तरह न्यू इंडिया की नींव रख रही है इसे भी बताया. आइए जानते हैं, पीएम मोदी के नये भारत में किन मुद्दों पर फोकस है और यह कैसा होगा.

1. एक राष्ट्र - एक साथ चुनाव
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, 'आज समय की मांग है कि ‘एक राष्ट्र -एक साथ चुनाव’ की व्यवस्था लाई जाए, जिससे देश का विकास तेज़ी से हो सके और देशवासी लाभान्वित हों. ऐसी व्यवस्था होने पर सभी राजनीतिक दल अपनी विचारधारा के अनुरूप, विकास व जनकल्याण के कार्यों में अपनी ऊर्जा का और अधिक उपयोग कर पाएंगे.'

राष्ट्रपति ने कहा, 'पिछले कुछ दशकों के दौरान देश के किसी न किसी हिस्से में प्राय कोई न कोई चुनाव आयोजित होते रहने से विकास की गति और निरंतरता प्रभावित होती रही है. हमारे देशवासियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर, अपना स्पष्ट निर्णय व्यक्त करके, विवेक और समझदारी का प्रदर्शन किया है्.

2. सेना पर सरकार का फोकस, मिलेंगे राफेल और अपाचे
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, 'सरकार, सेना और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है. निकट भविष्य में ही भारत को पहला ‘राफेल’ लड़ाकू विमान और ‘अपाचे’ हेलीकॉप्टर भी मिलने जा रहे हैं.'
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3. विश्व पटल पर भारत की मजबूती और बढ़ाने की कोशिश
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, 'सरकार, विदेशों में बसे और वहां कार्यरत भारतीयों के हितों की रक्षा के प्रति भी सजग है. आज विदेश में अगर कोई भारतीय संकट में फंसता है, तो उसे शीघ्र मदद और राहत का भरोसा होता है. पासपोर्ट से लेकर वीज़ा तक की अनेक सेवाओं को आसान और सुलभ बनाया गया है. आज आतंकवाद के मुद्दे पर पूरा विश्व, भारत के साथ खड़ा है.'

4. अंतरिक्ष मिशन पर रहेगा ध्यान
राष्ट्रपति ने कहा, 'मिशन शक्ति’ के सफल परीक्षण से भारत की अंतरिक्ष टेक्नॉलॉजी की क्षमता और देश की सुरक्षा-तैयारियों में नया आयाम जुड़ा है. देश के वैज्ञानिक, ‘चंद्रयान-2’ के लॉन्च की तैयारी में लगे हुए हैं. चंद्रमा पर पहुंचने वाला यह भारत का पहला अंतरिक्ष यान होगा. वर्ष 2022 तक, भारत के अपने ‘गगन-यान’ में पहले भारतीय को स्पेस में भेजने के लक्ष्य की तरफ भी तेज़ी से काम चल रहा है.'

5. प्रदूषण और गंगा सफाई पर ध्यान
राष्ट्रपति ने आगे कहा, 'वर्ष 2014 में देश में संरक्षित क्षेत्रों की संख्या 692 थी जो अब बढ़कर 868 हो गई है. वायु प्रदूषण से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए, देश के 102 शहरों में ‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम’ शुरू किया गया है. क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रभावों को कम करने में सौर ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका है. भारत के सक्रिय प्रयासों से इंटरनेशनल सोलर अलायंस का गठन हुआ है. इस संगठन के माध्यम से दुनिया के विकासशील देशों में सौर ऊर्जा के विकास में भारत अहम योगदान कर रहा है.'

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6. 2022 तक लगभग 35 हज़ार किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण या अपग्रेडेशन
राष्ट्रपति ने कहा, 'भारतमाला परियोजना’ के तहत वर्ष 2022 तक लगभग 35 हज़ार किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण या अपग्रेडेशन किया जाना है. साथ ही, ‘सागरमाला परियोजना’ के द्वारा देश के तटीय क्षेत्रों में और बंदरगाहों के आसपास, बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है. सरकार, आधुनिक भारत के लिए देश के गांवों से लेकर शहरों तक, विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है.'



सरकार हाईवे के साथ-साथ रेलवे, एयरवे और इनलैंड वॉटरवे के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर काम कर रही है. ‘उड़ान योजना’ के तहत, देश के छोटे शहरों को, हवाई यातायात से जोड़ने का काम तेज़ी से चल रहा है.

7. आर्थ‌िक मोर्च पर चुस्त, टैक्स और ब्लैक मनी पर फोकस
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बताया, ' ‘Direct Benefit Transfer’ की वजह से अब तक 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं. लगभग 8 करोड़ गलत लाभार्थियों के नाम हटा दिए गए हैं. ‘Insolvency and Bankruptcy Code’, देश के सबसे बड़े और सबसे प्रभावी आर्थिक सुधारों में से एक है. इस कोड के अमल में आने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि का निपटारा हुआ है.'

उन्होंने कहा, 'GST के लागू होने से ‘एक देश, एक टैक्स, एक बाजार’ की सोच साकार हुई है. GST को और सरल बनाने के प्रयास जारी रहेंगे. टैक्स-व्यवस्था में निरंतर सुधार के साथ-साथ सरलीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है. 5 लाख रुपए तक की आय को कर-मुक्त करने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.'

8. नौकरी के बजाए स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर फोकस
‘Ease of Doing Business’ की रैंकिंग में वर्ष 2014 में भारत 142वें स्थान पर था. पिछले 5 वर्षों में 65 रैंक ऊपर आकर हम 77वें स्थान पर पहुंच गए हैं. अब विश्व के शीर्ष 50 देशों की सूची में आना हमारा लक्ष्य है्. आज भारत दुनिया के सबसे अधिक स्टार्ट-अप वाले देशों में शामिल हो गया है. आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से विकसित हो रही अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है.

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9. महिला शक्तिकरण व बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व आयुष्मान भारत

राष्ट्रपति ने कहा, 'देश में हर बहन-बेटी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने हेतु ‘तीन तलाक’ और ‘निकाह-हलाला’ जैसी कुप्रथाओं का उन्मूलन जरूरी है. हमारी बहनों और बेटियों के जीवन को और सम्मानजनक और बेहतर बनाने वाले इन प्रयासों में अपना सहयोग दें. राष्ट्रीय आजीविका मिशन’ के तहत ग्रामीण अंचलों की 3 करोड़ महिलाओं को अब तक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया जा चुका है.'

10. छोटे-मझोले व्यापारियों पर है नजर
उन्होंने कहा, 'आज भारत मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर है. हमारे देश में प्रथम स्थान पाने की क्षमता है. इसीलिए सरकार, ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ यानि ‘नीली क्रांति’ के लिए प्रतिबद्ध है. मछली पालन के समग्र विकास के लिए एक अलग विभाग गठित किया गया है. बिनेट की पहली बैठक में छोटे दुकानदारों और छोटे व्यवसा‌यियों के लिए पेंशन स्कीम को पास कर दिया गया है.'

 

11. किसानों का सबसे पहले जिक्र
राष्ट्रपति ने बताया, ' वर्ष 2022 तक देश के किसान की आय दोगुनी हो सके, इसके लिए पिछले 5 वर्षों में अनेक कदम उठाए गए हैं. ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है. कृषि क्षेत्र की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए, आने वाले वर्षों में 25 लाख करोड़ रुपए का और निवेश किया जाएगा. नए ‘जलशक्ति मंत्रालय’ का गठन, इस दिशा में एक निर्णायक कदम है जिसके दूरगामी लाभ होंगे. इस नए मंत्रालय के माध्यम से जल संरक्षण व प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.'

 

12. नये भारत के परिकल्पना का मंत्र
आखिर में राष्ट्रपति ने कहा, 'नए भारत की यह परिकल्पना केरल के महान कवि श्री नारायण गुरु के इन सद्विचारों से प्रेरित है:

“जाति-भेदम मत-द्वेषम एदुम इल्लादे सर्वरुम
सोदरत्वेन वाड़ुन्न मात्रुकास्थान मानित”

यानी,आदर्श स्थान वह है जहां जाति और धर्म के भेदभाव से मुक्त होकर सभी लोग भाई-भाई की तरह रहते हैं.

नया भारत, गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर के आदर्श भारत के उस स्वरूप की ओर आगे बढ़ेगा जहां लोगों का चित्त भय-मुक्त हो, और आत्म-सम्मान से उनका मस्तक ऊंचा रहे.

 

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First published: June 20, 2019, 12:53 PM IST
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