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दिल्ली में LG को पावर देने वाले बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (File Photo)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (File Photo)

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये विधेयक, कानून के तौर पर अमल में आ जाएगा. ये विधेयक 24 मार्च को राज्यसभा में उससे पहले 22 मार्च को लोकसभा में पारित हो गया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 29, 2021, 5:49 AM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2021 (Government of National Capital Territory of Delhi (Amendment) Bill, 2021) को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये विधेयक, कानून के तौर पर अमल में आ जाएगा. ये विधेयक 24 मार्च को राज्यसभा में उससे पहले 22 मार्च को लोकसभा में पारित हो गया था. इसके मुताबिक, दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में ‘‘सरकार’’ का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के ‘‘उपराज्यपाल’’ से होगा और शहर की सरकार को किसी भी कार्यकारी कदम से पहले उपराज्यपाल की सलाह लेनी होगी.

इस विधेयक के पारित होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद दिन बताया था और उन्होंने कहा था कि वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे और जनता के लिए काम करते रहेंगे. वहीं, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा था कि इस संशोधन का मकसद मूल विधेयक में जो अस्पष्टता है उसे दूर करना है ताकि इसे लेकर विभिन्न अदालतों में कानून को चुनौती नहीं दी जा सके.

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उन्होंने उच्चतम न्यायालय के 2018 के एक आदेश का हवाला भी दिया था, जिसमें कहा गया है कि उपराज्यपाल को सभी निर्णयों, प्रस्तावों और एजेंडा की जानकारी देनी होगी. यदि उपराज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच किसी मामले पर विचारों में भिन्नता है तो उपराज्यपाल उस मामले को राष्ट्रपति के पास भेज सकते हैं.
रेड्डी ने कहा था कि इस विधेयक को किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं लाया गया है और इसे पूरी तरह से तकनीकी आधार पर लाया गया है.

क्या हुए हैं बदलाव
विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों के अनुसार, इस विधेयक में दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में ‘सरकार’ का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा. इसमें दिल्ली की स्थिति संघराज्य क्षेत्र की होगी जिससे विधायी उपबंधों के निर्वाचन में अस्पष्टताओं पर ध्यान दिया जा सके. इस संबंध में धारा 21 में एक उपधारा जोड़ी जाएगी

इसमें कहा गया है कि विधेयक में यह भी सुनिश्चित करने का प्रस्ताव किया गया है कि उपराज्यपाल को आवश्यक रूप से संविधान के अनुचछेद 239क के खंड 4 के अधीन सौंपी गई शक्ति का उपयोग करने का अवसर मामलों में चयनित प्रवर्ग में दिया जा सके.

विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि उक्त विधेयक विधान मंडल और कार्यपालिका के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का संवर्द्धन करेगा तथा निर्वाचित सरकार एवं राज्यपालों के उत्तरदायित्वों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शासन की संवैधानिक योजना के अनुरूप परिभाषित करेगा.
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