विपक्ष के विरोध के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों को दी मंजूरी

विपक्ष के विरोध के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कृष‍ि विधेयकों पर किए हस्ताक्षर (फोटो साभार- AP)
विपक्ष के विरोध के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कृष‍ि विधेयकों पर किए हस्ताक्षर (फोटो साभार- AP)

Farm Bills: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों को स्वीकृति दे दी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन विधेयकों के पारित होने पर कहा कि ये विधेयक कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव लाएंगे. वहीं विपक्ष और किसान लगातार इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2020, 8:07 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों (Farm Bills) को स्वीकृति दे दी है. राज्यसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 तथा आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक को भारी हंगामे के बीच रविवार को पारित कर दिया था. इन विधेयकों को पहले ही लोकसभा पारित कर चुकी है. संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) में पेश किए गए इन तीन विधेयकों को लेकर देश भर के किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं विपक्ष ने भी इन विधेयकों को पास न करने के संबंध में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात भी की थी.

किसान संगठनों और विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि ये विधेयक बड़े कारोबारियों के लिए लाए गए हैं जो भारतीय खाद्य एवं कृषि व्यवसाय पर प्रभुत्व जमाना चाहते हैं और इनसे किसानों की मोलभाव करने की शक्ति कमजोर होगी. किसानों ने शंका व्यक्त कि है कि केंद्र सरकार के कृषि सुधार न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे और किसानों को बड़े उद्योगपतियों के "रहम" पर छोड़ देंगे.

विपक्ष ने खारिज किए थे विधेयक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन विधेयकों के पारित होने को भारतीय कृषि के इतिहास में ‘‘ऐतिहासिक दिन’’ करार दिया था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये विधेयक कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव लाएंगे और इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी. उधर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विधेयकों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें किसानों के लिए ‘‘मौत का वारंट’’ करार दिया और इसे ‘‘लोकतंत्र में काला दिन’’ बताया था.
इन कृषि विधेयकों के चलते केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके साथ ही शिअद ने शनिवार को एनडीए के साथ गठबंधन भी तोड़ लिया. शिअद ने शनिवार रात को कृषि विधेयकों के मुद्दे पर राजग छोड़ने का ऐलान किया था. विपक्षी दलों के विरोध के बीच संसद में पारित किए गए तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ पंजाब में किसानों के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने यह घोषणा की.



इन विधेयकों को राष्‍ट्रपति ने दी मंजूरी
गजट अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने तीन विधेयकों को मंजूरी दी. ये विधेयक हैं. 1- किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020. 2- किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और 3- आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020. किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020 का उद्देश्य विभिन्न राज्य विधानसभाओं द्वारा गठित कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) द्वारा विनियमित मंडियों के बाहर कृषि उपज की बिक्री की अनुमति देना है.

किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक का उद्देश्य अनुबंध खेती की इजाजत देना है. आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक अनाज, दालों, आलू, प्याज और खाद्य तिलहन जैसे खाद्य पदार्थों के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण को विनियमित करता है. इन विधेयकों को संसद में पारित किए जाने के तरीके को लेकर विपक्ष की आलोचना के बीच राष्ट्रपति ने उन्हें मंजूरी दी है.

किसानों ने 29 सितंबर तक की थी आंदोलन बढ़ाने की घोषणा
गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा के किसान इन कृषि विधेयकों के खिलाफ शुक्रवार को सड़कों पर उतरे थे. पंजाब में जहां पूरी तरह से ‘बंद’ रहा. वहीं, किसान संगठनों ने पूर्व में घोषित ‘रेल-रोको’ प्रदर्शन को तीन दिन और बढ़ाने का ऐलान किया. किसानों ने शुक्रवार को आंदोलन को 29 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया. इससे पहले 24 से 26 सितंबर तक ‘रेल-रोको’ प्रदर्शन की घोषणा की गई थी.

पूरे पंजाब में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, सब्जी और अनाज मंडियां बंद रहीं और किसानों के संगठनों ने अपनी मांगों के प्रति इसे ‘अभूतपूर्व’ समर्थन करार दिया.
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