बीजेपी नेता स्वपन दासगुप्ता फिर पहुंचे राज्यसभा, पश्चिम बंगाल चुनाव लड़ने के लिए दिया था इस्तीफा

मार्च और अप्रैल में आठ चरणों में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में स्वपन दासगुप्ता को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रामेंदु रॉय से हार मिली थी

मार्च और अप्रैल में आठ चरणों में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में स्वपन दासगुप्ता को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रामेंदु रॉय से हार मिली थी

West Bengal News: सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि स्वपन दासगुप्ता को राज्यसभा सदस्य के रूप में फिर से मनोनीत किया गया है.

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कोलकाता. पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दास गुप्ता को एक बार फिर से राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है. इसी साल मार्च में बंगाल विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने के लिए दास ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था. सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति स्वपन दासगुप्ता के त्यागपत्र से रिक्त हुई राज्य सभा की सीट उनकी शेष बची अवधि अर्थात 24.04.2022 तक भरने के लिए स्वपन दासगुप्ता को पुन: सहर्ष मनोनीत करते हैं.

बीजेपी के टिकट पर स्वपन दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाया था. हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. टिकट मिलने के बाद टीएमसी सांसद मनोज्ञा मोइत्रा ने सवाल उठाया था. इसके बाद उन्होंने राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था.

बंगाल चुनाव में टीएमसी के रामेंदु रॉय से मिली थी शिकस्त

मार्च और अप्रैल में आठ चरणों में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में स्वपन दासगुप्ता को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रामेंदु रॉय से हार मिली थी. टीएमसी को विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटों पर जीत मिली थी, जबकि बीजेकपी को सिर्फ 77 सीटें ही मिलीं. ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनी हैं.
पेशे से पत्रकार रह चुके हैं दासगुप्ता

बता दें कि स्वपन दास गुप्ता पेशे से पत्रकार भी रह चुके हैं. उन्होंने कई मीडिया संस्थानों में काम किया है. दासगुप्ता को साहित्य और शिक्षा में उनके योगदान के लिए 2015 में पद्म भूषण (भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार) से सम्मानित किया गया था.

मशहूर वकील महेश जेठमलानी को भी किया गया मनोनीत



एक अन्य अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा कि मशहूर वकील महेश जेठमलानी को राज्यसभा में उस सीट के लिए मनोनीत किया गया है जो रघुनाथ महापात्र के निधन से खाली हुई है. उनका भी कार्यकाल महापात्र के 13 जुलाई, 2024 को पूरा होने वाले कार्यकाल की बाकी अवधि के लिए है.

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राष्ट्रपति केंद्र के परामर्श पर राज्यसभा के लिए 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं. उच्च सदन में मनोनीत किए जाने वाले लोग साहित्य, विज्ञान, खेलकूद, कला एवं समाज सेवा जैसे क्षेत्रों की बड़ी हस्तियां होते हैं.

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