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पुडुचेरी में लगाया गया राष्ट्रपति शासन, नारायणसामी नहीं साबित कर पाए थे बहुमत

पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी. (फाइल फोटो)

पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी. (फाइल फोटो)

Puducherry News: पुडुचेरी में विश्वास मत प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी ने इस्तीफा दे दिया था और केंद्र शासित प्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार गिर गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 8:51 PM IST
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नई दिल्ली. पुडुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार गिर जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर गुरुवार को केंद्रशासित प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की प्रशासक से 22 फरवरी को मिली रिपोर्ट के बाद यह फैसला किया गया. इसमें कहा गया कि रिपोर्ट पर विचार करने और उनसे मिली अन्य सूचनाओं के बाद राष्ट्रपति इस बात को लेकर संतुष्ट थे कि ऐसी स्थिति बन गई है जब केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम 1963 (1963 का 20) के प्रावधानों के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता.


राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश की सरकार अधिनियम, 1963 (1963 का 20) के विभिन्न प्रावधानों को भी निलंबित कर दिया, इस तरह पुडुचेरी में केंद्रीय शासन लागू हो गया. अधिसूचना में यह भी कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा निलंबित अवस्था में रहेगी. इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को पुडुचेरी में राष्ट्रपति शासन लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. इसी सप्ताह विश्वास मत प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी ने इस्तीफा दे दिया था और केंद्र शासित प्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार गिर गई थी.


पुडुचेरी में सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों के पार्टी से अलग होने के बाद नारायणसामी नीत सरकार ने इस्तीफा दे दिया था. मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने के बाद किसी ने भी सरकार गठन का दावा पेश नहीं किया. इसके बाद उपराज्यपाल ने पुडुचेरी में विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी थी.








गौरतलब है कि पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने सोमवार (22 फरवरी) को विश्वासमत पेश किए जाने के बाद मत विभाजन से पूर्व उप राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे. विधानसभा में पेश किए गए विश्वासमत प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और सत्तारूढ़ पार्टी के अन्य विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया था. इसके बाद मुख्यमंत्री राजनिवास पहुंचे और उप राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था.


(इनपुट भाषा से भी)

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