अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- मोदी और ट्रंप ऐसे नेता जो रिस्क लेने से नहीं डरते

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अभी हमारे पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम नरेंद्र मोदी दो नेता हैं, ये दोनों जरूरत पड़ने पर जोखिम लेने से डरते नहीं हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अभी हमारे पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम नरेंद्र मोदी दो नेता हैं, ये दोनों जरूरत पड़ने पर जोखिम लेने से डरते नहीं हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि अभी हमारे पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम नरेंद्र मोदी दो नेता हैं, ये दोनों जरूरत पड़ने पर जोखिम लेने से डरते नहीं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 26, 2019, 10:50 PM IST
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत आए हुए हैं. अपने दो दिवसीय दौरे में उन्होंने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. पोम्पियो ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद कहा कि भारत और अमेरिका को दुनिया को वैसा ही देखना चाहिए जैसा कि हम एक-दूसरे को देखते हैं कि हम क्या हैं- महान लोकतंत्र, वैश्विक शक्तियाें और अच्छे दोस्त.

आतंकवाद को पुरस्कृत करना गलत
माइक पोम्पियो ने कहा कि कुछ हफ्ते पहले, पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी देशों से आतंकवाद से लड़ने का आह्वान किया था. पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति में मसूद अजहर को नॉमिनेट करते हुए हमें बहुत खुशी हुई.

पॉम्पियो ने कहा कि भारत ने आतंकवाद का समर्थन करने वाले फलस्तीनी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के खिलाफ हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में मतदान कर यह साफ किया है कि आतंकवाद को पुरस्कृत करना गलत है.




जोखिम लेने से नहीं डरते मोदी-ट्रंप
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अभी हमारे पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम नरेंद्र मोदी दो नेता हैं, ये दोनों जरूरत पड़ने पर जोखिम लेने से डरते नहीं हैं. उन्होंने कहा कि आइए एक-दूसरे को नई नजर से देखें और एक दूसरे को गले लगाएं.

पोम्पियो ने कहा कि आज, विश्व का 60% व्यापार समुद्री व्यापार इंडो-पैसिफिक रास्ते से होता है. पिछले हफ्तों में इस्लामिक गणराज्य ईरान ने जापान, नॉर्वे, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के टैंकरों पर हमला किया है.

भारत चार प्रमुख विश्व धर्मों की जन्म स्थली
माइक पोम्पियो ने आगे कहा कि हाल के सालों में चीन दक्षिण-चीन समुद्र में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है. हमें देखना होगा कि क्या अमेरिका और भारत पूरी दुनिया में स्वतंत्र और खुले समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अधिक व्यापक तौर पर रणनीति बना सकते हैं?

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत चार प्रमुख विश्व धर्मों की जन्मस्थली है. आइए हम सभी के लिए धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा में एक साथ खड़े हों. आइए हम उनके अधिकारों के पक्ष में आवाज़ उठाएं. जब भी हम उन अधिकारों से समझौता करते हैं, तो दुनिया खराब होती है.



वहीं इससे पहले माइक पॉम्पियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत की. इस बातचीत में भारत ने अमेरिका को साफ कहा है कि भारत दूसरे देशों के साथ अपने संबंध बनाने के दौरान अपने राष्ट्रीय हितों को देखकर चलेगा. चाहे इसमें बात प्रतिबंध झेल रहे रूस की ही क्यों न हो. जिससे हाल ही में भारत ने S400 मिसाइल प्रणाली का सौदा किया है.

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