संसद में अभी भी धरना दे रहे निलंबित सांसद, आजाद ने कहा- पीठासीन अधिकारी की जगह सांसदों को मिली सजा

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कल राज्यसभा में मतदान के बिना बिल पारित किए गए
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कल राज्यसभा में मतदान के बिना बिल पारित किए गए

Parliament Monsoon Session: निलंबित किए गए सदस्यों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, कांगेस के राजीव सातव, सैयद नजीर हुसैन और रिपुन बोरा, आप के संजय सिंह, माकपा के केके रागेश और इलामारम करीम शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 1:03 AM IST
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नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajyasabha) में रविवार को हुए हंगामे की गूंज सोमवार को भी सुनाई पड़ी और विपक्ष के आठ सदस्यों को सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबन के बाद से ही सभी सांसद विरोध स्वरूप संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने बैठ गए. तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की सांसद डोला सेन (Dola Sen) ने संसद भवन परिसर में बैठकर गाना भी गाया. वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद (Ghulam Nabi Azad) ने कहा रविवार को राज्यसभा में मतदान के बिना बिल पारित किए गए, जिसके खिलाफ विपक्षी सांसदों ने विरोध किया. सरकार और पीठासीन अधिकारी की गलती है लेकिन विपक्षी सांसदों को दंडित किया जा रहा है.

निलंबित होने वाले सांसदों में डेरेक ओ'ब्रायन (तृणमूल कांग्रेस), संजय सिंह (आम आदमी पार्टी), राजू साटव (कांग्रेस), केके रागेश (सीपीआई-एम), रिपुण बोरा (कांग्रेस), डोला सेन (तृणमूल कांग्रेस), सैयद नासिर हुसैन (कांग्रेस), एलमाराम करीम (सीपीआई-एम) हैं. बता दें सोमवार को सभापति वैंकेया नायडू के सदस्यों को निलंबित करने के बाद सदस्यों के सदन से बाहर नहीं जाने और सदन में हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई तथा चार बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी. इसके साथ ही राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उपसभापति हरिवंश के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि यह उचित प्रारूप में नहीं था.

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नायडू ने विपक्षी सदस्यों के आचरण को बताया निंदनीय
सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर शून्यकाल चला जिसमें सदस्यों ने लोक महत्व के विषय के तहत अलग अलग मुद्दे उठाए. शून्यकाल समाप्त होने के बाद नायडू ने रविवार को सदन में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ विपक्षी सदस्यों का आचरण दुखद, अस्वीकार्य और निंदनीय है. नायडू ने कहा कि सदस्यों ने कोविड-19 संबंधी सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया. उन्होंने कहा कि सदस्यों ने उपसभापति हरिवंश के साथ अमर्यादित आचरण किया.

नायडू ने इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन को ‘नाम का उल्लेख’’ करते हुए उन्हें सदन से बाहर जाने को कहा. हालांकि, ब्रायन सदन में ही रहे. उन्होंने उपसभापति के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष और 46 सदस्यों का पत्र मिला है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को कृषि संबंधी दो विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान संसदीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.

नायडू ने कहा कि उन्होंने कल की कार्यवाही पर गौर किया कि रिकार्ड के अनुसार उपसभापति पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं. सभापति ने कहा कि प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में भी नहीं है और इसके लिए जरूरी 14 दिनों के नोटिस का भी पालन नहीं किया गया है.
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