PM मोदी राज्यसभा में खराब अटेंडेंस को लेकर बीजेपी सांसदों से हैं नाराज

प्रधानमंत्री ने सांसदों से पूछा, 'आपको कैसा लगेगा अगर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की किसी रैली को आपके क्षेत्र में आखिरी समय पर कैंसिल कर दिया जाए?'

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Updated: July 3, 2019, 5:45 AM IST
PM मोदी राज्यसभा में खराब अटेंडेंस को लेकर बीजेपी सांसदों से हैं नाराज
प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई है (फाइल फोटो)
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Updated: July 3, 2019, 5:45 AM IST
सत्ता में वापसी के बाद मंगलवार को बीजेपी की पहली संसदीय समिति की बैठक हुई. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी सांसदों की संसद में खराब उपस्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने सांसदों से कहा कि वे संसदीय कार्यवाहियों के दौरान वहां मौजूद रहें. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने पार्टी के कई सांसदों के संसद से गायब रहने पर नाराजगी भी जताई.

प्रधानमंत्री ने उदाहरण देकर सांसदों को समझाया
पीएम मोदी ने सांसदों से पूछा, 'आपको कैसा लगेगा कि आप दो लाख वोटों से चुनाव जीतें] लेकिन आपको पता चले कि आपके सबसे अच्छे दोस्त ने आपको वोट नहीं दिया? आपको कैसा लगेगा अगर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की किसी रैली को आपके क्षेत्र में आखिरी समय पर कैंसिल कर दिया जाए?'

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में लोजपा के सांसद चिराग पासवान की अच्छी अटेंडेंस का उदाहरण भी दिया और बीजेपी के सांसदों से कहा कि आपको उनसे सीखना चाहिए कि कैसे किसी मुद्दे पर संसद में बहस करने के लिए तैयारी करके आना चाहिए.

मुस्लिम महिला बिल को लेकर गुस्सा थे पीएम

पीएम मोदी का यह मैसेज 21 जून को लोकसभा में तीन तलाक बिल के मुद्दे पर वोटिंग के दौरान बीजेपी के सांसदों की कम उपस्थिति के संदर्भ में आया है. उस दौरान इस बिल के पक्ष में 186 वोट पड़े थे, जबकि बिल के विरोध में 74 वोट पड़े थे. वह भी तब जब बीजेपी के कुल सांसदों की संख्या 303 है. इसके अलावा बीजेपी के NDA सहयोगियों की संख्या 50 है.

रवि शंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) बिल, 2019 को इंट्रोड्यूस करने के बाद AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल पर वोटिंग की मांग की थी. यह पहला विधेयक था जिसे इस सरकार ने 17वीं लोकसभा के सामने रखा.
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पहले भी सांसदों को समझाते रहे हैं पीएम

पीएम मोदी के लिए सांसदों की खराब उपस्थिति हमेशा से एक खराब अनुभव रहा है और वे अपने पहले कार्यकाल में भी बार-बार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं.

संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पत्रकारों से बताया है कि पीएम मोदी संसद को सांसदों के लिए एक विश्वविद्यालय की तरह मानते हैं. वे कहते हैं कि संसद, सांसदों को सीखने और का सबसे बड़ा मौका देती है और सीखना एक ऐसी चीज है जो कभी खत्म नहीं होती है.

जोशी ने बताया कि उन्होंने सांसदों को खुद को लोगों की सेवा में समर्पित कर देने को भी कहा है. ताकि उनकी पहचान इससे हो सके कि उन्होंने लोगों के लिए क्या किया है!

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First published: July 3, 2019, 5:35 AM IST
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