PM मोदी का देश के नाम संबोधन, कहा- लॉकडाउन भले चला गया लेकिन वायरस अब तक नहीं गया है

पीएम मोदी ने त्योहारों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की.
पीएम मोदी ने त्योहारों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की.

PM Modi Address to Nation: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सातवीं बार देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 7:59 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार की शाम को राष्ट्र के नाम संदेश दिया. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के बाद से पीएम मोदी सातवीं बार देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा, 'जनता कर्फ्यू से लेकर अब तक हमने लंबा सफर तय किया है. समय के साथ आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं. हम में से अधिकांश लोग, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए, फिर से जीवन को गति देने के लिए, रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं. त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है.' पीएम मोदी ने कहा, 'लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो,  वायरस नहीं गया है.  बीते 7-8 महीनों में,  प्रत्येक भारतीय के प्रयास से,  भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में है,  हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है.'

पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे देशों की तुलना में भारत में प्रति 10 लाख की जनसंख्या में कम केस आए हैं. पीएम ने कहा कि आज देश में रिकवरी रेट अच्छी है, मृत्यु दर कम है. दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है.





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लापरवाह होने का समय नहीं
पीएम मोदी ने कहा, 'सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर्स, नर्से, स्वास्थ्य कर्मी इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं. इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है. ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है.'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं. आप ध्यान रखिए, आज अमेरिका हो, या फिर यूरोप के दूसरे देश, इन देशों में कोरोना के मामले कम हो रहे थे, लेकिन अचानक फिर बढ़ने लगे.'

वैक्सीन आने तक कमजोर न पड़ने दें कोरोना के खिलाफ लड़ाई
प्रधानमंत्री ने कबीर के एक दोहे का उदाहरण देकर समझाया कि जब तक सफलता पूरी न मिल जाए, लापरवाही नहीं करनी चाहिए. जब तक इस महामारी की वैक्सीन नहीं आ जाती, हमें कोरोना से अपनी लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें, वीडियो देखे हैं जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है. ये ठीक नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा कि रामचरित मानस में बहुत शिक्षाप्रद बातें कही गई हैं इनमें से एक है-

रिपु, रुज, पावक पाप
प्रभु अहि गनिअ न छोट करि.

यानी कि शत्रु, रोग, अग्नि, पाप, स्वामी और सर्प को छोटा नहीं समझना चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि सावधानी बरतनी जरूरी है कि जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं.

प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 19 मार्च को देश को संबोधित किया था. वहीं इससे पहले उन्होंने 30 जून को देश को संबोधित किया था जिसमें उन्होंने गरीबों को मुफ्त राशन देने की योजना को नवंबर तक बढ़ाने की घोषणा की थी.
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