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    पुलवामा में जवानों की शहादत पर हुई भद्दी राजनीति, पड़ोसी देश के कबूलनामे से बेनकाब हुए लोग: पीएम मोदी

    सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंति पर आयोजित समारोह के दौरान संबोधन में पीएम मोदी ने पुलवामा हमले पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष को घेरा.
    सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंति पर आयोजित समारोह के दौरान संबोधन में पीएम मोदी ने पुलवामा हमले पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष को घेरा.

    Rashtriya Ekta Diwas के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Patel) को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान पीएम मोदी ने पुलवामा में पिछले साल हुए आतंकी हमले पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 31, 2020, 2:48 PM IST
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    केवडिया. पुलवामा में हुए आतंकी हमले (Pulwama Terrorist Attack) को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) की संसद में इमरान खान (Imran Khan) के मंत्री के कबूलनामे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने विपक्ष को निशाने पर लिया. पीएम मोदी ने कहा कि जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग भद्दी राजनीति में लगे हुए थे. ऐसे लोगों को देश भूल नहीं सकता है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (Narendra Modi) ने शनिवार को गुजरात के केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचर सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Patel) को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बीते साल हुए पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी थे, तब कुछ लोग इस दुख में शामिल नहीं थे. वह इसमें भी अपना स्वार्थ देख रहे थे. देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कही गईं. कैसे-कैसे बयान दिए गए. देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था तब स्वार्थ की भद्दी राजनीति चरम पर थी.





    पीएम मोदी ने कहा कि उस समय उन वीरों की तरफ देखते हुए मैं विवादों से दूर रहते हुए सारे आरोपों को झेलता रहा. भद्दी बातों को सुनता रहा.  मेरे दिल पर वीर शहीदों का गहरा घाव था, लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आई हैं, जिस पर वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया. हमले के बाद की गई राजनीति इसका बहुत बड़ा उदाहरण है कि कैसे स्वार्थ की राजनीति चरम पर जा सकती है.
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है. जब हम सबका हित सोचेंगे, तभी हमारी भी प्रगति होगी, उन्नति होगी.' पीएम ने कहा कि मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि  देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें, ऐसी चीजों से बचें. अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का. पीएम ने कहा कि प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत, और पूरा विश्व कर रहा है. बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं,  जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं,  वो आज वैश्विक चिंता का विषय है. आज के माहौल में,  दुनिया के सभी देशों को,  सभी सरकारों को,  सभी पंथों को,  आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है. शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है. आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकताचीन का नाम लिए बिना पीएम ने कहा कि आज के भारत का उसकी सीमाओं के लिए नजर और नजरिया दोनों बदल गया है. आज का भारत सीमा पर सड़कें, पुले बना रहा है. आज भारत की भूमि पर नज़र गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है. आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है.  अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है.आज हम 130 करोड़ देशवासी मिलकर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं जो सशक्त भी हो और सक्षम भी हो.  जिसमें समानता भी हो, और संभावनाएं भी हों: PMपीएम ने कहा सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है. आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है.पीएम ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में आज के दिन कश्मीर ने भी देश के समावेश के एक साल पूरे किए. कश्मीर के विकास में जो बाधायें आ रही थीं, उन्हें पीछे छोडकर अब कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है. चाहे नॉर्थईस्ट में शांति की बहाली हो, या नॉर्थईस्ट के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम, आज देश एकता के नए आयाम स्थापित कर रहा है.पीएम ने कहा कि कोरोना काल में देश ने जैसी एकजुटता दिखाई यह ठीक वैसी ही है जैसी कल्पना लौह पुरुष वल्ल्भ भाई पटेल ने की थी.भगवान श्रीराम के आदर्श, उनके संस्कार अगर आज भारत के कोने-कोने में हमें एक दूसरे से जोड़ रहे हैं, तो इसका बहुत बड़ा श्रेय महर्षि वाल्मिकी जी को ही जाता है. राष्ट्र और मातृभूमि को सबसे बढ़कर मानने का महर्षि वाल्मीकि का जो मंत्र था, वही आज राष्ट्र प्रथम का मजबूत आधार है.: पीएमआज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का भी शुभारंभ होने जा रहा है. सरदार साहब के दर्शन के लिए, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देशवासियों को अब सी-प्लेन सर्विस का भी विकल्प मिलेगा. सारे प्रयास इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ाने वाले हैं: पीएमये भी अद्भुत संयोग है कि आज ही वाल्मीकि जयंती भी है. आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं, जिस भारत को अनुभव करते हैं, उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था:पीएमये आपदा अचानक आयी. इसने पूरे विश्व में मानव जीवन को प्रभावित किया है, हमारी गति को प्रभावित किया. लेकिन इस महामारी के सामने देश ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को, अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति को साबित किया वो अभूतपूर्व है: पीएमपीएम मोदी ने महर्षि वाल्मिकी जयंती की भी शुभकामनाएं दीं.2014 में हमने उनके जन्मदिवस को भारत की एकता के पर्व के रूप में मनाने की शुरुआत की थी. इन 6 वर्षों में देश ने गांव से लेकर शहरों तक, कश्मीर से कन्याकुमारी तक, पूरब से लेकर पश्चिम तक सभी ने एक भारत - श्रेष्ठ भारत के संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया है. - पीएमकल से लेकर अब तक केवड़िया में जंगल सफारी, एकता मॉल, चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क जैसे अनेक नए स्थलों का लोकार्पण हुआ है। बहुत ही कम समय में सरदार सरोवर डैम के साथ जुड़ा ये भव्य निर्माण एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना का, नए भारत की प्रगति का तीर्थ स्थल बन गया है: पीएमपीएम ने कहा सरदार सरोवर बांध से देश जुड़ा और यह प्रगति का नया तीर्थ बनने वाला है. उन्होंने कहा कि आज यहां सी प्लेन का उद्घाटन होगा जो इसे क्षेत्र में विकास  के नये आयाम तय होंगे.पीएम ने कहा सभी देशवासियों को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. देश की सैकड़ों रियासतों को, राजे-रजवाड़ों को एक करके, देश की विविधता को आधार भारत की शक्ति बनाकर सरदार पटेल ने हिंदुस्तान को वर्तमान स्वरूप दिया.पीएम ने कहा कि सरदार पटेल की वाणी प्रसाद के रूप में मिली. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने पूरे देश को एकता के एक सूत्र में बांधा. पीएम ने कहा कि बीते 6 सालों में हमने एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत 'भारत माता की जय' और 'सरदार पटेल अमर रहें' के साथ शुरू की. उन्होंने कहा- 'पुलिस बेड़े के वीर बेटे-बेटों के नाम- भारत माता की जय कोरोना के समय में सेवारत कोरोना वॉरियर्स के नाम- भारत माता की जय आत्मनिर्भरता के संकल्प को पूरा करने में जुटे कोटि-कोटि लोगों के नाम- भारत माता की जय.'परेड में भारतीय वायुसेना ने भी हिस्सा लिया. वायुसेना के विमान ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर सरदार पटेल को सलामी दी.सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर केवडिया में राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड जारीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 'राष्ट्रीय एकता दिवस' परेड की सलामी ली.केवडिया में चल रहे सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर 'राष्ट्रीय एकता दिवस' परेडपीएम मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    भारत रत्न सरदार पटेल की 145वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री ने पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने इस दौरान एकता की शपथ दिलाई. बता दें देश के पहले गृह मंत्री रहे सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है.

    एकता दिवस के मौके पर होने वाली परेड में भी पीएम शामिल हुए. इस परेड में CRPF, BSF, ITBP, CISF, NSG, NDRF के जवान शामिल है.परेड में गुजरात पुलिस के जवान भी शामिल हुए. परेड में 'सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा' राष्ट्रगीत की धुन भी बजाई गई.

    सी प्लेन का करेंगे उद्घाटन
    परेड में CRPF की महिला बटालियन ने ड्रिल पेश की है. इस कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी सी प्लेन का उद्घाटन भी करेंगे जिससे 4 से पांच घंटे की दूरी को 45 मिनट में ही तय किया जा सकेगा.

    इससे पहले पीएम ने शुक्रवार को  अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के पहले दिन शुक्रवार को नर्मदा जिले के केवड़िया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निकट पर्यटन के विकास के मद्देनजर 17 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और चार नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी.
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