पीएम मोदी ने कहा- इकोनॉमी रिकवरी की राह पर, निवेश का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PTI)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PTI)

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus In India) के मामलों में लगातार कमी दर्ज किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा है कि इसका हम जश्न ना मनाएं, बल्कि हमें तय करना होगा कि हम हमारे संकल्प, हमारे व्यवहार में बदलाव लाएं.

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  • Last Updated: October 29, 2020, 8:54 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कोरोनाकाल में पहला इंटरव्यू दिया है. पीएम मोदी ने कहा है कि कोरोना के मामलों में कमी या सुस्ती आने का हम जश्न ना मनाएं, बल्कि हमें तय करना होगा कि हम हमारे संकल्प, हमारे व्यवहार में बदलाव लाएं और सिस्टम को और मजबूत करें. वैक्सीन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) जब भी आएगी, हर किसी को मिलेगी. कोई भी इससे नहीं छूटेगा.

अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'देश की इकोनॉमी से उम्मीद से ज्यादा तेज गति से पटरी पर लौट रही है. हाल में सुधारों के लिए उठाए गए कदम इसका संकेत हैं कि भारत बाजार की ताकत पर भरोसा करता है.' पीएम ने कहा कि भारत में एग्रीकल्चर, एफडीआई, मैन्युफैक्चरिंग में तेजी और गाड़ियों की बिक्री में उछाल देखें. EPFO में ज्यादा लोगों का जुड़ना यह दिखा रहा है कि नौकरियों में भी तेजी आई है. भारत की अर्थव्यवस्था रिकवरी की राह पर है.'

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हमें नहीं चाहिए कृषि सुधारों का क्रेडिट
कृषि कानूनों पर पीएम मोदी ने कहा, 'विशेषज्ञ लंबे समय से इन सुधारों की वकालत कर रहे हैं. इतना ही नहीं राजनीतिक दल भी इन सुधारों के नाम पर वोट मांगते रहे हैं. सभी की इच्छा थी कि ये सुधार हो. मुद्दा यह है कि विपक्षी दल यह नहीं चाहते कि हमें इसका श्रेय मिले. हम इन सुधारों का क्रेडिट भी नहीं चाहते हैं.'

जब तक वर्कफोर्स को औपचारिकता का लाभ नहीं मिलता...
उन्होंने कहा, 'मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए सुधारों का एक हिस्सा था श्रम सुधार. हमने ऐसा ही किया है. यह अक्सर कहा जाता था कि औपचारिक क्षेत्र में भारत में श्रम से अधिक श्रम कानून थे. श्रम कानूनों ने अक्सर श्रम को छोड़कर सभी की मदद की. समग्र विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक भारत के वर्कफोर्स को औपचारिकता का लाभ नहीं मिलता.'

पीएम ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि पिछले कुछ महीनों में किए गए ये सुधार मैन्युफैक्चरिंग और कृषि दोनों क्षेत्रों में विकास दर और रिटर्न को बढ़ाने में मदद करेंगे. इसके अलावा, यह दुनिया को यह भी संकेत देगा कि यह एक नया भारत है जो बाजारों और बाजार की ताकतों पर विश्वास करता है.'

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GST के मुद्दे पर पीएम ने कहा, 'जब UPA सरकार में  सीएसटी की जगह वैट आया तो उन्होंने राज्यों को  राजस्व कमी के लिए क्षतिपूर्ति करने का वादा किया था. लेकिन आप जानते हैं कि यूपीए ने क्या किया? उन्होंने अपने वादों के बावजूद राज्यों को क्षतिपूर्ति देने से इनकार कर दिया. सिर्फ एक साल के लिए नहीं बल्कि लगातार पांच साल तक. यह एक कारण था कि यूपीए के तहत जीएसटी शासन के लिए राज्य सहमत नहीं थे. हमारी सरकार प्रतिबद्धताओं की सरकार है और हम राज्यों की चिंता के प्रति संवेदनशील हैं.'

ई-वे बिल और जीएसटी संग्रह वृद्धि भी अच्छी रही- PM
कोरोना के बाद आर्थिक स्थिति में गिरावट दर्ज किए जाने को लेकर पीएम ने कहा 'हम आर्थिक सुधार के रास्ते पर हैं. सबसे पहले, कृषि में, जैसा कि मैंने पहले कहा, हमारे किसानों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और हमने एमएसपी के उच्चतम स्तर पर रिकॉर्ड खरीद भी की है.  रिकॉर्ड उत्पादन और रिकॉर्ड खरीद के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण आय होगी, जो कि मांग का चक्र होगा. दूसरा, रिकॉर्ड  एफडीआई फ्लो भारत के निवेशक की देश के रूप में बढ़ती छवि को दर्शाता है.'

पीएम ने कहा, 'इस वर्ष महामारी के बावजूद हमने अप्रैल-अगस्त के लिए $ 35.73 बिलियन का  एफडीआई मिला. यह पिछले साल की  इसी समयावधि की तुलना में 13% अधिक है. तीसरा, ट्रैक्टर की बिक्री के साथ-साथ ऑटो बिक्री पिछले साल के स्तर तक पहुंच या पार कर रही है. यह मांग में मजबूत  बढ़ोतरी का संकेत देता है. चौथा, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में लगातार सुधार ने भारत को सितंबर में चीन और ब्राजील के बाद प्रमुख उभरते बाजारों में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर लाने में मदद की. ई-वे बिल और जीएसटी संग्रह वृद्धि भी अच्छी रही है. '

आत्मनिर्भर भारत बनेगा प्रेरणा- प्रधानमंत्री
नौकरियों के मुद्दे पर पीएम ने कहा, 'ईपीएफओ के नए शुद्ध ग्राहकों के मामले में, अगस्त 2020 के महीने ने जुलाई 2020 की तुलना में एक लाख से अधिक नए ग्राहकों के साथ 34% की छलांग लगाई. इससे पता चलता है कि नौकरियों का बाजार उठा रहा है. इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छू लिया है. रेलवे माल ढुलाई जैसे आर्थिक सुधार के प्रमुख संकेतकों में 15% से अधिक की वृद्धि हुई और पिछले साल के इसी महीने सितंबर में बिजली की मांग में 4% की वृद्धि हुई.'

पीएम ने कहा, 'आत्मनिर्भर भारत की घोषणाएं अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं. खासतौर से छोटे व्यवसायों और अनौपचारिक क्षेत्र के लिए. मुझे लगता है कि निवेश और बुनियादी ढांचे पर बड़ा विस्तार रिकवरी और विकास के लिए प्रेरक शक्ति बन जाएगा.'
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