इमरजेंसी की बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ट्वीट, कांग्रेस पर बोला हमला

पीएम मोदी ने इमरजेंसी की बरसी पर किया ट्वीट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरजेंसी की बरसी पर ट्वीट कर कहा कि आपातकाल के काले दिनों को कभी भुलाया नहीं जा सकता. पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने हमारे लोकतांत्रिक लोकाचार को कुचला.

  • Share this:
    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इमरजेंसी की बरसी (Emergency 1975)  पर ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला बोला है. उल्लेखनीय है कि देश में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच 21 महीने की अवधि तक आपातकाल लागू रहा. इंदिरा गांधी उस समय देश की प्रधानमंत्री थीं. पीएम ने एक ट्वीट में कहा कि आपातकाल के काले दिनों को कभी भुलाया नहीं जा सकता. 1975 से 1977 की अवधि में संस्थानों का विनाश देखा गया. आइए हम भारत की लोकतांत्रिक भावना को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लें, और हमारे संविधान में निहित मूल्यों पर खरा उतरें.

    सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम का एक लिंक शेयर कर पीएम ने लिखा- 'इस तरह कांग्रेस ने हमारे लोकतांत्रिक लोकाचार को कुचला. हम उन सभी महानतम लोगों को याद करते हैं जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया और भारतीय लोकतंत्र की रक्षा की.'

    अमित शाह ने की आलोचना
    इससे पहले भाजपा नेताओं ने आपातकाल की 46वीं बरसी पर शुक्रवार को कांग्रेस की जम कर निंदा की और आपातकाल के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले 'सत्याग्रहियों' को याद किया.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि वर्ष 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ व अंहकार में देश पर आपातकाल थोपकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी थी.

    यह भी पढ़ें: रात में इमर्जेंसी लग चुकी थी, सुबह 06 बजे इंदिरा ने सभी मंत्रियों को तलब कर लिया



    उन्होंने कहा, 'असंख्य सत्याग्रहियों को रातों रात जेल की कालकोठरी में कैद कर प्रेस पर ताले जड़ दिए. नागरिकों के मौलिक अधिकार छीनकर संसद व न्यायालय को मूकदर्शक बना दिया.' वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि एक परिवार के विरोध में उठने वाले स्वरों को कुचलने के लिए थोपा गया आपातकाल आजाद भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है. उन्होंने कहा, '21 महीनों तक निर्दयी शासन की क्रूर यातनाएं सहते हुए देश के संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले सभी देशवासियों के त्याग व बलिदान को नमन.'

    जे पी नड्डा ने कहा - इमरजेंसी था राजनीतिक स्वार्थ
    भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि वर्ष 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थों के लिए आपातकाल की घोषणा की थी जो भारत के महान लोकतंत्र पर काला धब्बा है.उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी सत्याग्रहियों को नमन करता हूं, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का विरोध किया, और लोकतांत्रिक मूल्यों की आस्था को संजोकर रखा.'

    सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया, 'कांग्रेस का नाम पाखंड है. आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाली कांग्रेस ने ही देश में आपातकाल लगाया था और सारी स्वतंत्रता ख़त्म कर दी थी. आपातकाल ही कांग्रेस का सही स्वरुप है.'

    यह भी पढ़ें: 48 घंटों में क्या हुआ कि इंदिरा ने इमर्जेंसी लागू करने का पक्का मन बना लिया

    केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन बताया और कहा, 'लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश के करोड़ों लोगों ने अपना सर्वस्व लगाकर संघर्ष किया. उन्होंने यातनाएं झेली और जेल गए. उन सभी लोकतंत्र के रक्षकों को मेरा नमन.' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि 'गरीबी हटाओ' का नारा देने वाली कांग्रेस ने आपातकाल लागू कर गरीबों के मुंह का निवाला छीनने का घनघोर पाप किया था और उस दौरान सच्चाई के लिए उठने वाली हर आवाज पर जुल्म ढाये गये थे.

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'समय होत बलवान. समय ने करवट बदली और आपातकाल लगाकर जनता की शक्ति छीनने वाले स्वयं शक्तिहीन होकर कहीं के न रहे.'

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.