जो भी हो श्री लंका की जरूरत, हम हमेशा उसके साथ:भारत

भारत-श्रीलंका के संबंधों में पिछले पांच वर्षों में परिवर्तन हुए हैं. मार्च 2015 में द्वीप की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के साथ, पीएम मोदी 28 साल के अंतराल के बाद श्रीलंका का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे.

News18Hindi
Updated: June 9, 2019, 4:39 PM IST
जो भी हो श्री लंका की जरूरत, हम हमेशा उसके साथ:भारत
श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ प्रधाननंत्री नरेंद्र मोदी (Twitter)
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Updated: June 9, 2019, 4:39 PM IST
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जून को श्रीलंका की यात्रा पर हैं. दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद यह पीएम मोदी दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले वह 8 जून को मालदीव गए थे.

21 अप्रैल को श्रीलंका में हमला होने के बाद पीएम मोदी पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं जो वहां गए हैं. पीएम मोदी की श्रीलंका की यात्रा का उद्देश्य वहां 21 अप्रैल को ईस्टर के मौके पर हुए आतंकी हमले के मद्देनजर श्रीलंका की सरकार और जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना है.

भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा है. यह यात्रा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को श्रीलंका में वर्तमान सुरक्षा स्थिति में सामान्य स्थिति के संबंध में एक मजबूत संदेश देगी। इससे श्रीलंका में विदेशी पर्यटकों और श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

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भारत ने श्रीलंका से कहा है कि

भारत ने श्रीलंका से कहा है कि 'आतंकवाद और कट्टरवाद बड़े पैमाने पर मानवता के लिए एक सामूहिक खतरा है. हाल में हुए हमले सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ नहीं हैं. दुनिया में कहीं भी आतंकवाद पूरी मानवता की अंतरात्मा पर हमला करता है. यह मानव आत्मा की एकजुटता पर हमला है. विभाजनकारी विचारधारा को अलग-थलग करने और खत्म करने की जरूरत है, क्योंकि यह क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक शांति के लिए खतरा है. श्रीलंका को जो भी आवश्यकता होगी पीएम मोदी ने इस संबंध में हर संभव सहायता की पेशकश की है.'

भारत की ओर से कहा गया है कि 'भारत हमेशा से श्रीलंका की जरूरतों और प्राथमिकताओं का पहला जवाब देने वालों में से रहा है. चाहे बाढ़ हो या सूखा, भारत मानवशक्ति और सामग्री के साथ प्रतिक्रिया देने वाला पहला देश रहा है. भारत ने पूरे भारत के लोगों की ओर से उपहार के रूप में पूरे द्वीप में कई लोगों को विकासोन्मुख परियोजनाओं को पूरा किया है.'
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पांच वर्षों में हुए बदलाव

भारत-श्रीलंका के संबंधों में पिछले पांच वर्षों में परिवर्तन हुए हैं. मार्च 2015 में द्वीप की अपनी ऐतिहासिक यात्रा के साथ, पीएम मोदी 28 साल के अंतराल के बाद श्रीलंका का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे.

पीएम मोदी ने मई 2017 में अंतर्राष्ट्रीय वेसाक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीलंका का दौरा किया था. हाल के चुनावों में पीएम मोदी के लिए निर्णायक जनादेश सरकार की नीतियों को जारी रखने के लिए समर्थन का प्रतिबिंब है. इन नीतियों को जारी रखना और आगे बढ़ाना श्रीलंका के हित में भी है.

पीएम मोदी की यात्रा भारत को उनकी ‘पड़ोसी पहले की नीति’से जुड़ी प्राथमिकता को प्रदर्शित करती है. यह श्रीलंका के लोगों को यह बताने के लिए एक यात्रा है कि वे अकेले नहीं हैं, और भारत जरूरत के समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.

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First published: June 9, 2019, 2:54 PM IST
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