प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UPA सरकार पर निशाना! कहा- मजबूरी में लिए फैसले को सुधार बता देते थे

पीएम मोदी ने कहा कि लोग खुद आगे कर टैक्स दें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कर व्यवस्था में सुधारों को आगे बढ़ाते हुए ‘पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ (Transparent Taxation Honouring the Honest ) मंच की शुरूआत की. इसके साथ ही देशवासियों से स्वप्रेरणा से आगे आकर कर भुगतान का आह्वान किया.

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    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को 'ट्रासपैरेंट टैक्सेशन: ऑनरिंग द ऑनेस्ट प्लेटफॉर्म' (transparent taxation platform) की शुरुआत की. इस दौरान एक ओर जहां लोगों से आगे बढ़कर ईमानदारी से आयकर देने की अपील की वहीं पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा. प्रधानमंत्री ने कहा- 'ऑनरिंग द ऑनेस्ट- ईमानदार का सम्मान. देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है.'

    पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा- 'एक दौर था जब हमारे यहां रिफॉर्म्स की बहुत बातें होती थीं. कभी मजबूरी में कुछ फैसले लिए जाते थे, कभी दबाव में कुछ फैसले हो जाते थे, तो उन्हें रिफॉर्म कह दिया जाता था. इस कारण इच्छित परिणाम नहीं मिलते थे. अब ये सोच और अप्रोच, दोनों बदल गई है.'

    प्रधानमंत्री ने कहा- 'हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब है, रिफॉर्म नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, Hollistic हो और एक रिफॉर्म, दूसरे रिफॉर्म का आधार बने, नए रिफॉर्म का मार्ग बनाए. और ऐसा भी नहीं है कि एक बार रिफॉर्म करके रुक गए. ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है.'

    वीडियो कांफ्रेंन्सिंग के जरिये ‘पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान’ मंच की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बीते 6-7 साल में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है. लेकिन ये भी सही है कि 130 करोड़ के देश में ये अभी भी बहुत कम है. इतने बड़े देश में सिर्फ डेढ़ करोड़ साथी ही इन्‍कम टैक्स जमा करते हैं. इस पर देश को आत्मचिंतन करना होगा. आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मचिंतन जरूरी है. और ये जिम्मेदारी सिर्फ कर विभाग की नहीं है, हर भारतीय की है. जो कर देने में सक्षम हैं, लेकिन अभी वो कर नेट में नहीं है, वो देशवासी स्वप्रेरणा से आगे आएं, ये मेरा आग्रह है और उम्मीद भी.’

    प्रधानमंत्री का देशवासियों से स्वप्रेरणा से आगे आकर कर भुगतान का आग्रह, करदाता चार्टर जारी किया
    प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते छह साल में देश में कर प्रशासन में संचालन का एक नया मॉडल विकसित होते देखा है. ‘देशवासियों पर भरोसा, इस सोच का प्रभाव कैसे जमीन पर नजर आता है, ये समझना भी बहुत जरूरी है. वर्ष 2012-13 में जितने रिटर्न दाखिल होते थे, उसमें से 0.94 प्रतिशत की स्क्रूटनी होती थी. वर्ष 2018-19 में ये आंकड़ा घटकर 0.26 प्रतिशत पर आ गया है. यानि कर मामलों की स्क्रूटनी, करीब-करीब 4 गुना कम हुई है. कर रिटर्न की स्क्रूटनी का 4 गुना कम होना, अपने आप में बता रहा है कि बदलाव कितना व्यापक है.’

    उन्होंने कहा, ‘आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं न्यूनतम सरकार, कारगर शासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, ये देशवासियों के जीवन में सरकार के दखल को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. देश में चल रहा संरचनात्मक सुधारों का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है. पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान’ 21वीं सदी की कर प्रणाली की एक नई व्यवस्था है.’

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