भारत के अब तक रहे प्रधानमंत्रियों पर एक नज़र, मोदी फिर बनेंगे PM

स्वतंत्रता प्राप्‍त करने के बाद से भारत को कुल 14 प्रधानमंत्री मिले हैं, और अब हम अपना 15वां प्रधानमंत्री चुनने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 4:21 PM IST
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भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ‌है. हमारे संविधान ने देश के नागरिकों को अपना नेता, अर्थात प्रधानमंत्री चुनने की शक्ति दी है. स्वतंत्रता प्राप्‍त करने के बाद से भारत को कुल 14 प्रधानमंत्री मिले हैं, और अब हम अपना 15वां प्रधानमंत्री चुनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। आइए, नजर डालते हैं देश के अब तक के प्रधानमंत्रियों की सूची पर.

  1. पंडित जवाहरलाल नेहरू – स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू थे.  वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के नेता थे. बतौर प्रधानमंत्री उनका कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक रहा. वह कानून के छात्र थे. उनके कार्यकाल के दौरान वर्ष 1962 में चीन-भारत युद्ध हुआ था. उनके कार्यकाल के दौरान अनेक आर्थिक नीतियों को लागू किया गया और भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिए हिंदू कानून में कई बदलाव किए गए.






  1. गुलजारीलाल नंदा - भारत के दूसरे प्रधानमंत्री गुलजारीलाल नंदा थे. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे. प. जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद नंदा ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में काम किया. उन्होंने अर्थशास्‍त्र का अध्ययन किया और श्रम मुद्दों में विशेषज्ञता हासिल की थी. उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. भारत-चीन युद्ध और भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965) में गुलजारीलाल नंदा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. नंदा ने विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए देश की सेवा की.


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  1. लाल बहादुर शास्त्री – 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक लाल बहादुर शास्‍त्री ने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता शास्‍त्री ने जय जवान जय किसान  का नारा दिया था, जिसने देश को नई दिशा दी. उन्होंने दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया था और भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965) में उनकी भूमिका बेहद अहम थी. उन्होंने श्वेत क्रांति और हरित क्रांति को बढ़ावा देने का काम किया.



  1. इंदिरा गांधी- श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं. उन्‍होंने भारत के तीसरे प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था. अपने पिता जवाहरलाल नेहरू के बाद वह 1966 से 1977 और 1980 से 1984 तक सबसे लंबे समय तक पद पर कार्यरत रहने वालीं दूसरी भारतीय प्रधानमंत्री थीं. उन्‍होंने बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. उन्‍होंने इतिहास, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया था.



  1. मोरारजी देसाई - मोरारजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री थे और वे जनता पार्टी के नेता थे. उन्होंने 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए देश की सेवा की. वह भारत के प्रधानमंत्री बनने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति थे. उन्हें भारत रत्न और निशान-ए-पाकिस्तान पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्होंने 1962 के युद्ध के बाद भारत और चीन के बीच व्‍याप्‍त तनाव को दूर करने की दिशा में कार्य करते हुए चीन के साथ स्वस्थ संबंधों को बहाल किया. इसके अलावा भारत के परमाणु कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.



  1. चौधरी चरण सिंह- चौधरी चरण सिंह ने 1979 से 1980 तक बतौर प्रधानमंत्री देश की सेवा की। वह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे. चौधरी चरण सिंह जनता पार्टी (धर्मनिरपेक्ष) के नेता थे. उन्हें "भारतीय किसानों का मसीहा" के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी.



  1. राजीव गांधी - भारत के छठे प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे.  उन्‍होंने 1984 से 1989 तक प्रधानमंत्री पद की जिम्‍मेदारी संभाली. 40 वर्ष की आयु में यह पद संभालने वाले वे सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे. वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था. उन्होंने 1986 में हुए गृहयुद्ध के दौरान श्रीलंका की मदद की थी. उनके कार्यकाल के दौरान  दलबदल विरोधी कानून पारित किया गया था.



  1. विश्वनाथ प्रताप सिंह - वे भारत के सातवें प्रधानमंत्री थे और उनका कार्यकाल 1989 से 1990 तक रहा. जब वह प्रधानमंत्री बने तब वह जनता दल के नेता थे. उन्होंने मंडल आयोग को लागू करने का फैसला किया, जिसमें आरक्षित श्रेणी के लोगों के लिए नौकरियों का निश्चित कोटा लागू करने का सुझाव दिया गया था. उन्होंने कानून और भौतिकी का अध्ययन किया.



  1. चन्द्रशेखर - वे भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे और उन्‍होंने 1990 से 1991 तक यह पद संभाला. वह समाजवादी पार्टी के नेता थे. उन्होंने राजनीति विज्ञान का अध्ययन किया था. चन्द्रशेखर अपने छात्र दिनों से ही राजनीति के प्रति आकर्षित थे और क्रांतिकारी उत्साह के साथ एक तेजतर्रार आदर्शवादी के रूप में उन्हें जाना जाता था.



  1. पीवी नरसिम्हा राव- भारत के नौवें प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव थे और वे 1991 से 1996 तक इस पद पर रहे. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे. उन्होंने कानून की पढ़ाई की थी. उनके कार्यकाल के दौरान किये गये आर्थिक सुधारों ने घरेलू व्यापार, व्यापार व्‍यवस्‍था/शासन, पूंजी बाजार आदि में सुधार करने में मदद की. उन्होंने सेबी अधिनियम 1992 पेश किया, भारत के इक्विटी बाजारों को खोला और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को प्रोत्साहित किया. उन्‍होंने लाइसेंस राज को समाप्त किया था.



  1. अटल बिहारी वाजपेयी- अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वतंत्र भारत के दसवें प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार कार्यभार संभाला. उनका पहला कार्यकाल 1996 में 13 दिनों तक रहा. दूसरी बार उन्‍होंने प्रधानमंत्री के रूप में 13 महीने यानी 1998 से 1999 तक देश की सेवा की. तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्‍होंने 1999 से 2004 तक अपने पूर्ण कार्यकाल तक कार्य किया. उनके कार्यकाल के दौरान ही भारत ने 1998 में दूसरा पोखरण परमाणु परीक्षण किया था. भारत के विकास में उनका इतना अधिक योगदान था कि उनके जन्मदिवस यानी 25 दिसंबर को भारत में सुशासन दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है. वह राजनीतिक विज्ञान की पृष्ठभूमि से थे, उन्‍होंने अपने ज्ञान का उपयोग देश में सामाजिक-राजनीतिक सुधार लाने के लिए किया.



  1. एचडी देवेगौड़ा- एचडी देवेगौड़ा भारत के ग्‍यारहवें प्रधानमंत्री थे और उन्‍होंने 1996 से 1997 तक प्रधानमंत्री पद संभाला था. वह जनता दल के नेता थे। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था. उन्हें समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को धैर्यपूर्वक सुनने के लिए जाना जाता है और उन्हें 'मिट्टी का बेटा' भी  कहा जाता है. अपने कार्यकाल के दौरान, वह पुस्तकालय में किताबें पढ़ने में व्यस्त रहते थे.



  1. इंद्र कुमार गुजराल- वे भारत के बारहवें प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने 1997 से 1998 तक प्रधानमंत्री पद पर कार्य किया. वे जनता दल के सदस्य थे. वह वाणिज्य पृष्ठभूमि से थे और उन्‍होंने अपने ज्ञान का उपयोग देश में अनेक सामाजिक-आर्थिक सुधार लाने के लिए किया था. उन्होंने पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में बहुत बड़ा योगदान दिया था.



  1. मनमोहन सिंह- प्रधानमंत्री पद संभालने वाले मनमोहन सिंह पहले सिख थे. उन्‍होंने 2004 से 2009 और 2009 से 2014 तक दो बार प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल पूरा किया. पं. जवाहरलाल नेहरू के अलावा मनमोहन सिंह अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल को पूरा करने के बाद इस पद पर दोबारा चुने जाने वाले दूसरे प्रधानमंत्री थे. उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में, कई योजनाओं और नीतियों जैसे कि ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना आदि को लागू किया गया. मनमोहन सिंह एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं जिन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अपनी अर्थशास्त्र की परीक्षा पास की थी.



  1. नरेंद्र मोदी - वह भाजपा के सदस्य हैं और उन्‍होंने 2014 में देश के चौदहवें प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था. वह राजनीति विज्ञान के छात्र थे. उन्‍होंने देश में शासन की एक सख्त और अनुशासित व्यवस्था को बनाने के लिए अपने ज्ञान और बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल किया. उन्होंने उज्‍ज्वला योजना, स्वच्छ भारत योजना, नमामि गंगा आदि योजनाएं लागू कीं.


उद्घोषणा / डिस्क्लेमर       

‘बटन दबाओ देश बनाओ’ आरपी-संजीव गोयनका समूह द्वारा प्रस्तुत नेटवर्क 18 की एक पहल है, जिसका उद्देश्य हाल ही में संपन्न (मतदान चरणों) आम चुनाव 2019 में प्रत्येक भारतीय को मतदान करने आग्रह करना है। सोशल मीडिया पर हैशटैग #ButtonDabaoDeshBanao का प्रयोग करके बातचीत को जानें.
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