प्रियंका गांधी को नोटिस, 1 अगस्त तक लोधी एस्टेट का बंगला करना होगा खाली

एसपीजी सुरक्षा हटने के कारण बंगला खाली करने को कहा गया. (File)
एसपीजी सुरक्षा हटने के कारण बंगला खाली करने को कहा गया. (File)

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा भेजे गए नोटिस के मुताबिक 1 अगस्त के बाद प्रियंका गाधी इस बंगले में नहीं रह सकतीं.

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नई दिल्ली. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) को 1 अगस्त तक लोधी एस्टेट स्थित बंगला (Lodhi Estate Bungalow) खाली करने का नोटिस दिया गया है. आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) द्वारा भेजे गए नोटिस के मुताबिक 1 अगस्त के बाद प्रियंका गाधी इस बंगले में नहीं रह सकतीं. नोटिस में कहा गया है कि प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा व्यवस्था हटा ली गई है और जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था दी गई है. इस व्यवस्था के मुताबिक जिसे ये सुरक्षा दी जाती है उसे सरकारी बंगला प्रदान करने का नियम नहीं है. ऐसे में प्रियंका गांधी को बंगला खाली करना पड़ सकता है.

क्या बोलीं कांग्रेस नेता
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने कहा है कि अब क्यों नियम का पालन किया जा रहा है? प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा व्यवस्था तो 6 महीने पहले ही हटा ली गई थी. जब एसपीजी व्यवस्था हटाई गई थी तब भी प्रियंका से बंगला खाली करने की बात कही गई थी. तब उन्होंने एक्सटेंशन मांगा था जो अगस्त महीने तक चलने वाला है. लेकिन हमारी असली चिंता प्रियंका की सुरक्षा को लेकर है. सरकार को उनकी सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए.

गौरतलब है कि 30 जून तक प्रियंका गांधी पर 3,46,677 रुपये बकाया हैं. प्रियंका से बकाया राशि का भुगतान करने को कहा गया है. प्रियंका गांधी वाड्रा फरवरी 1997 से 35 लोधी एस्टेट में रह रही हैं.
मंत्रालय का नोटिस




नवंबर 2019 में हटाई गई थी गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा व्यवस्था
गौरतलब है कि नवंबर 2019 में केंद्र सरकार ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाने का फैसला किया था. गांधी परिवार को अभी भी जेड प्‍लस (Z Plus) सुरक्षा दी जा रही है. केंद्र सरकार ने सभी एजेंसियों की ओर से मिले थ्रेट इनपुट (Threat Input) का आकलन करने के बाद यह फैसला लिया था. केंद्र सरकार ने खतरे का आकलन करने के बाद पाया था कि गांधी परिवार को किसी तरह का सीधा खतरा नहीं है.



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राजीव गांधी की 1991 में हत्‍या के बाद फैसला किया गया था कि पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी एसपीजी सुरक्षा दी जाएगी. हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्रियों के सुरक्षा इंतजामों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है और जरूरत के मुताबिक उसे घटाया जाता है. अगस्‍त 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा भी हटा ली गई थी. एसपीजी सुरक्षा हटाने से पहले प्रियंका गांधी को नोटिस भेजकर उनके बंगले को लेकर भी सवाल पूछा गया था. इस पर उन्‍होंने कहा था कि उन्‍हें बंगला छोड़ने में कोई दिक्‍कत नहीं है.

 
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